ईचागढ़ प्रखंड के बांदु में डायरिया का कहर, स्वास्थ्य विभाग ने लगाया शिविर

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ईचागढ़ प्रखंड के बांदु में डायरिया का कहर, स्वास्थ्य विभाग ने लगाया शिविर

ईचागढ़, 5 जुलाई : सरायकेला खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड अंतर्गत बांदु गांव के टोला डुंगरीडीह में इन दिनों डायरिया का प्रकोप चल रहा है। वर्तमान में गांव के 9 व्यक्ति डायरिया से पीड़ित है, जबकि आठ लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। डायरिया पीड़ित चार लोगों का इलाज पातकुम स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इचागढ़ में चल रहा है। अन्य पीड़ितों का इलाज निजी क्लीनिक में चल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार बीते 3 जुलाई से अब तक दर्जनभर से अधिक ग्रामीण डायरिया की चपेट में आ चुके हैं। संक्रमितों में महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी शामिल हैं। वर्तमान में मुकेश किस्कू, बुधनी किस्कू, शिवम किस्कू, दुली किस्कू, भारती किस्कू, रनिया किस्कू, रिमा किस्कू और अमलेश किस्कू डायरिया से पीड़ित है। सभी का इलाज अस्पतालों में चल रहा है। इसके अलावा गांव के आठ लोगों को इलाज के उपरांत अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
डुंगरीडीह में डायरिया का प्रकोप की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने पंचायत के मुखिया ठाकुरदास माझी के साथ टोला का दौरा कर घर-घर जाकर मुआयना किया। टीम ने प्रभावित लोगों को ओआरएस घोल वितरित किया और साफ पानी का सेवन करने, पानी उबालकर पीने तथा हाथ धोने जैसी सावधानियों की सलाह दी। वहीं लोगों को साफ सफाई बरतने के साथ गर्म भोजन करने का सलाह दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में शिविर लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया। लोगों से सार्वजनिक जलाशयों में स्नान और कपड़े धोने से बचने को भी कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जगह-जगह ब्लीचिंग पाउडर का भी छिड़काव किया। स्वास्थ्य विभाग ने प्रकोप के संभावित कारणों की जांच शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि दूषित पेयजल या भोजन से संक्रमण फैला है।

डायरिया से बचाव के लिए बरतें ये सावधानियाँ :

केवल उबला हुआ या फिल्टर्ड पानी ही पीएँ।

खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएँ।

खुले में रखे खाद्य पदार्थों से परहेज करें।

यदि किसी को लगातार दस्त, उल्टी, या कमजोरी हो रही हो, तो तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

घर में ओआरएस पाउच अवश्य रखें और जरूरत पर इस्तेमाल करें।

ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी स्वास्थ्य आपात स्थितियाँ यह दर्शाती हैं कि चिकित्सा व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की जरूरत है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अपेक्षा है कि वे प्रभावित क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं को तत्काल सुदृढ़ करें और जनजागरूकता अभियान चलाएं, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

आपका छोटा सा सतर्क कदम, आपके परिवार को गंभीर बीमारी से बचा सकता है।

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