
रिपोर्ट : सिद्धार्थ सेन (पुरुलिया)
पुरुलिया, 06 नवंबर : पुरुलिया जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस और जिला आबकारी विभाग की लगातार कार्रवाई अब व्यापक अभियान का रूप लेती जा रही है। कभी चोरी-छिपे चलने वाले गांजा, अफीम, ब्राउन शुगर और अवैध शराब के कारोबार पर अब कानून का शिकंजा कसता दिखाई दे रहा है। जिले में हाल के दिनों में जिस तरह अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लगातार छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई हो रही है, उससे नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, पुलिस की सक्रियता से आम लोगों के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर भरोसा भी मजबूत हो रहा है।
इसी कड़ी में पुरुलिया पुलिस ने जिले के छह थाना क्षेत्रों में एक साथ व्यापक मादक पदार्थ विरोधी अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। इस कार्रवाई में सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एनडीपीएस अधिनियम के तहत सात अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने अभियान के दौरान करीब चार किलोग्राम गांजा और फेंसेडिल कफ सिरप की 1200 से अधिक बोतलें जब्त की हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के अवैध नेटवर्क पर एक बड़े प्रहार के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि पुरुलिया पुलिस के साथ जिला आबकारी विभाग भी लगातार अवैध शराब और अन्य मादक पदार्थों के कारोबार के विरुद्ध अभियान चला रहा है। अलग-अलग इलाकों में छापेमारी, संदिग्ध ठिकानों की जांच और अवैध कारोबारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई से इस नेटवर्क पर दबाव बढ़ा है। हाल के दिनों में जिस व्यापक स्तर पर कार्रवाई सामने आ रही है, उसने जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ प्रशासनिक सक्रियता को चर्चा का विषय बना दिया है।
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि कार्रवाई केवल गांजा या अवैध शराब तक सीमित नहीं है, बल्कि फेंसेडिल जैसी प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध आपूर्ति पर भी पुलिस की नजर है। इससे नशे के कारोबार के विभिन्न स्वरूपों पर एक साथ कार्रवाई का संकेत मिलता है।
एक तरफ पुलिस की लगातार कार्रवाई से आम नागरिकों में सुरक्षा और प्रशासनिक सक्रियता को लेकर विश्वास बढ़ने की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े लोगों के लिए जिले में अपना धंधा चलाना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। हालांकि, नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए केवल जब्ती और गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि आपूर्ति शृंखला की पहचान, बड़े कारोबारियों तक पहुंच और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान भी जरूरी होंगे।
फिलहाल पुरुलिया पुलिस की ताजा कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान तेज है। अब देखना होगा कि पुलिस और आबकारी विभाग की यह संयुक्त सक्रियता नशे के पूरे नेटवर्क को तोड़ने में कितनी प्रभावी साबित होती है।




