शांतिपूर्ण माहौल में आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील, सप्तमी से नवमी तक होंगे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
चांडिल, 16 अक्टूबर : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत आसनबनी पंचायत के फदलोगोड़ा स्थित कालिका नगर में आयोजित सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन शुक्रवार को भाजपा नेता हरेलाल महतो ने किया। इस अवसर पर उन्होंने मां दुर्गा के समक्ष क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और उन्नति की कामना की। साथ ही सभी को दुर्गा पूजा की शुभकामनाएं देते हुए आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की।
मौके पर पूजा कमेटी के संरक्षक एवं जूना अखाड़ा के महंत विद्यानंद सरस्वती, ईचागढ़ के पूर्व प्रत्याशी मस्तान सिंह, महंत मेघानन्द सरस्वती, महंत इंद्रानंद सरस्वती, ग्राम प्रधान प्रबोध उरांव, शंकर मंडल, प्रदीप गिरी, लक्ष्मीकांत महतो समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का प्रतीक है दुर्गा पूजा : हरेलाल महतो
पंडाल उद्घाटन के बाद भाजपा नेता हरेलाल महतो ने कहा कि शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा हमारी प्राचीन सनातन परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा है। नौ दिनों तक चलने वाला यह पावन पर्व हमें शक्ति, साहस, संयम और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मां दुर्गा की आराधना बुराई पर अच्छाई और अन्याय पर न्याय की विजय का संदेश देती है।
उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक एकता, आपसी प्रेम और भाईचारे को मजबूत करने का भी अवसर है। ऐसे पर्वों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ आते हैं और अपनी सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हैं। हमारी जिम्मेदारी है कि इस विरासत को सुरक्षित रखते हुए आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।
हरेलाल महतो ने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि दुर्गा पूजा का पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में आपसी सौहार्द और सद्भाव के साथ मनाएं। उन्होंने कहा कि पर्व के दौरान एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना और सामाजिक समरसता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि क्षेत्र में सुख-शांति बनी रहे, किसानों और मेहनतकश लोगों के जीवन में खुशहाली आए तथा हर परिवार उन्नति के पथ पर आगे बढ़े।
सप्तमी से नवमी तक होंगे धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
पूजा कमेटी के संरक्षक एवं महंत विद्यानंद सरस्वती ने बताया कि शनिवार को महासप्तमी के अवसर पर कलश यात्रा निकाली जाएगी। श्रद्धालु जल भरकर कलश लाएंगे और विधि-विधान से कलश स्थापना की जाएगी। इसके बाद मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना होगी।
उन्होंने बताया कि महासप्तमी, महाष्टमी और महानवमी के अवसर पर तीनों दिन रात में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूजा कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार दुर्गोत्सव मनाने की तैयारी की गई है।



