
सैकड़ों ग्रामीणों ने एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का लिया संकल्प
चांडिल, 12 सितंबर : चांडिल डैम विस्थापितों की समस्याओं, अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की संवाद यात्रा का शनिवार को नीमडीह प्रखंड के गुंडा पंचायत अंतर्गत सीमा गांव में समापन हुआ। समापन कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए और विस्थापितों के अधिकारों की लड़ाई को सामूहिक रूप से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
मंच के अनुसार, संवाद यात्रा दो चरणों में आयोजित की गई। पहले चरण में 25 से 27 अगस्त तथा दूसरे चरण में 7 से 12 सितंबर तक यात्रा कर चांडिल डैम से प्रभावित 116 विस्थापित गांवों और 13 पुनर्वास स्थलों में ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया। इस दौरान भूमि, मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार, विकास समेत अन्य लंबित समस्याओं और ग्रामीणों के सुझावों को सुना गया।
समापन कार्यक्रम में राकेश रंजन महतो ने कहा कि विस्थापितों के अधिकारों की लड़ाई किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं पड़ेगी। उन्होंने कहा कि शरीर की अंतिम बूंद तक विस्थापितों के हित और अधिकार के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
मंच के सदस्य अंबिका यादव ने कहा कि विस्थापितों की सबसे बड़ी ताकत उनकी एकता है। वहीं श्यामल मार्डी ने ग्रामीणों से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए स्वयं आगे आने का आह्वान किया। नारायण गोप ने कहा कि संवाद यात्रा के माध्यम से 116 गांवों और 13 पुनर्वास स्थलों की आवाज को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है।
मंच के अनुसार, यात्रा के दौरान सामने आए मुद्दों को संकलित कर अब सामूहिक मांगों और आगामी आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी। मौके पर अनुपम महतो, शिवचरण महतो, गणेश मंडल, अनूप महतो, तरनी सेन महतो, नरसिंह दास, सुशेन महतो, सुभद्रा महतो, अंजना दास, पार्वती महतो, अंगूरी महतो, नीलमणि माहली समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। साथ ही शैलेंद्र महतो, सागर महतो सहित मंच के अन्य सदस्य मौजूद रहे।