ग्रामीण महिला उद्यमिता को मिलेगा नया मंच, पूर्वी सिंहभूम में झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम शुरू

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ग्रामीण महिला उद्यमिता को मिलेगा नया मंच, पूर्वी सिंहभूम में झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम शुरू

जमशेदपुर, 11 सितंबर : पूर्वी सिंहभूम जिले में ग्रामीण महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने और उनके व्यवसाय को बाजार से जोड़ने की दिशा में झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) और IIM-CIP के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती बारी मुर्मू और उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान की उपस्थिति में हुआ। इस दौरान IIM-CIP की टीम, JSLPS के डीपीएम सुजीत बारी सहित जिला एवं प्रखंड स्तर के पदाधिकारी, कर्मी और संबंधित प्रतिनिधि मौजूद रहे। जिले के विभिन्न प्रखंडों से उद्यमी दीदी, बैंक सखी, CRP-EP, BDSP, BPM और BPO-EP समेत अन्य कैडर ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

झारखंड इन्क्यूबेटर कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को टिकाऊ, मजबूत और बाजार उन्मुख व्यवसाय के रूप में विकसित करना है। इसके तहत चयनित महिला उद्यमियों को व्यवसाय के विभिन्न चरणों में क्षमता निर्माण, मेंटरशिप, तकनीकी एवं व्यावसायिक मार्गदर्शन, वित्तीय सहयोग, 0 प्रतिशत सॉफ्ट लोन, मार्केट लिंकेज, ब्रांडिंग और पैकेजिंग जैसी सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता ‘हब एंड स्पोक मॉडल’ है। इसके तहत रांची स्थित केंद्रीय हब और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में विकसित किए जाने वाले स्पोक केंद्रों के माध्यम से विशेषज्ञ मार्गदर्शन और साझा सेवाओं को जिला एवं प्रखंड स्तर तक पहुंचाने की योजना है। इससे महिला उद्यमियों को नवाचार, तकनीक, व्यवसाय प्रबंधन और बाजार से जुड़ने के बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू ने ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण में उद्यमिता की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उद्यमी दीदियों से उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।

वहीं, उप विकास आयुक्त नागेन्द्र पासवान ने स्थानीय संसाधनों और बाजार की संभावनाओं के अनुरूप नए उद्यम विकसित करने तथा मौजूदा उद्यमों को बेहतर व्यवसायिक मॉडल के रूप में स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने महिला उद्यमियों को गुणवत्ता, नवाचार और बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद एवं सेवाएं विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम के दौरान IIM-CIP की टीम ने इन्क्यूबेटर कार्यक्रम की अवधारणा, उद्देश्य और कार्यप्रणाली के साथ उद्यमियों को मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी। उद्यम विकास, व्यवसाय विस्तार और बाजार से जुड़ाव को लेकर प्रतिभागियों के साथ चर्चा भी की गई। JSLPS की ओर से जिले की महिला उद्यमियों को कार्यक्रम से जोड़ने और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।

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