इंकैब मामला : एनसीएलएटी में सुनवाई टली, मजदूरों की अपील पर अब 5 सितंबर को होगी सुनवाई

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इंकैब मामला : एनसीएलएटी में सुनवाई टली, मजदूरों की अपील पर अब 5 सितंबर को होगी सुनवाई

जमशेदपुर, 05 अगस्त : इंकैब लिमिटेड से जुड़े मामले में बुधवार को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान मजदूरों की ओर से अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव ने न्यायाधिकरण के समक्ष पक्ष रखा।

अधिवक्ता ने दलील दी कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने 6 जनवरी 2016 के अपने आदेश में इंकैब की बैंकों के प्रति कुल देनदारी ₹21.63 करोड़ मानी थी, जो वर्ष 1992 से पूर्व लिए गए ऋण से संबंधित थी तथा वर्ष 1995 के बाद समाप्त हो गई। उनके अनुसार, इस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी बरकरार रखा गया, जिससे यह अंतिम रूप से प्रभावी हो गया। उन्होंने कहा कि इस आधार पर केवल मजदूर ही कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (सीओसी) के सदस्य होने चाहिए।

सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि तत्कालीन रेजोल्यूशन प्रोफेशनल शशि अग्रवाल ने कमला मिल्स लिमिटेड, फस्क्वा इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड और पेगासस एसेट रिकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के कथित ₹2009 करोड़ के दावों को स्वीकार कर उन्हें सीओसी में शामिल कराया। उन्होंने बताया कि बाद में एनसीएलएटी ने 4 जून 2021 के आदेश से शशि अग्रवाल को हटाया था तथा आईबीबीआई ने उनकी रेजोल्यूशन प्रोफेशनल के रूप में पात्रता समाप्त कर दी थी। इस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय ने 7 फरवरी 2022 को बरकरार रखा।

अधिवक्ता ने यह भी कहा कि नए रेजोल्यूशन प्रोफेशनल पंकज टिबरेवाल ने उपरोक्त तीन कंपनियों के साथ ट्रॉपिकल वेंचर्स कंपनी लिमिटेड के दावों को भी स्वीकार करते हुए कथित रूप से ₹3074 करोड़ के दावों के आधार पर सीओसी का गठन किया। उन्होंने बताया कि एनसीएलएटी ने 30 जून 2026 के आदेश में ट्रॉपिकल वेंचर्स के ₹1646 करोड़ के दावे को स्वीकार नहीं किया और उसका दावा ₹85 करोड़ तक सीमित करने का निर्देश दिया। मजदूर पक्ष का कहना है कि ₹85 करोड़ का दावा भी विवादित है तथा इस संबंध में संबंधित आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में सिविल अपील दायर की गई है।

सुनवाई के अंत में एनसीएलएटी की चेयरमैन की खंडपीठ ने सर्वोच्च न्यायालय में लंबित अपील का हवाला देते हुए मजदूरों की सभी लंबित अपीलों पर सुनवाई 5 सितंबर 2026 तक स्थगित कर दी।

सुनवाई में मजदूरों की ओर से अधिवक्ता अखिलेश श्रीवास्तव, आकाश शर्मा और ऋषभ रंजन उपस्थित रहे।

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