उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में मलेरिया जांच, संस्थागत प्रसव और टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा की
जमशेदपुर, 05 अगस्त : पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में उपायुक्त ने कहा कि प्रखंड स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होने से जिले के स्वास्थ्य संकेतकों में बेहतर सुधार होगा। उन्होंने सभी प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारियों (एमओआईसी) को जन शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने तथा नागरिकों के प्रति संवेदनशील एवं जवाबदेह होकर कार्य करने के निर्देश दिए।
रक्त की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त ने सिविल सर्जन को प्रत्येक माह कम-से-कम 10 रक्तदान शिविर आयोजित कराने का निर्देश दिया। इसके लिए सामाजिक, व्यावसायिक एवं औद्योगिक संस्थानों के सहयोग से नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने पर भी चर्चा की गई।
मलेरिया नियंत्रण अभियान की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में अब तक लगभग तीन लाख लोगों की जांच की जा चुकी है। उपायुक्त ने जांच अभियान की गति बनाए रखने तथा समय पर जांच, उपचार और फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों की पहचान कर उन्हें अभियान से जोड़ने को कहा। वहीं कुपोषण प्रबंधन के तहत बहरागोड़ा, घाटशिला, मुसाबनी, पोटका और टेल्को स्थित पोषण उपचार केंद्रों (एमटीसी) में बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने और पात्र बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रोजेक्ट उल्लास के तहत मिर्गी रोगियों की पहचान, उपचार एवं नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के साथ-साथ सदर अस्पताल और घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में संचालित डायलिसिस सेवाओं को निर्बाध रूप से जारी रखने तथा मशीनों के समयबद्ध रखरखाव के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उपायुक्त ने जिले में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने, स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति बनाए रखने तथा डेंगू, टीबी, कुष्ठ उन्मूलन, एनीमिया मुक्त भारत और फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाने में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।