उपायुक्त राजीव रंजन ने कृषि विभाग की समीक्षा की, खाद की कालाबाजारी पर लाइसेंस निरस्त करने का निर्देश
कहा- किसानों को समय पर बीज, खाद और केसीसी का लाभ मिलना जरूरी
जमशेदपुर, 29 जुलाई : पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी राजीव रंजन की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में कृषि एवं संबद्ध विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में कृषि, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता, उद्यान एवं जेएसएलपीएस की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने किसानों तक योजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक करीब 28 प्रतिशत धान की रोपनी हो चुकी है। मौसम अनुकूल रहने पर 20 अगस्त तक लगभग 90 प्रतिशत रोपनी पूरी होने की संभावना है। उपायुक्त ने कृषि विभाग को लगातार मॉनिटरिंग करते हुए किसानों को हरसंभव सहयोग देने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि बीज वितरण का कार्य एक सप्ताह के भीतर शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। अरहर, मूंग और उड़द के बीज सभी प्रखंडों में उपलब्ध हैं, इसलिए पात्र किसानों तक इनका शीघ्र वितरण सुनिश्चित किया जाए। कृषक पाठशाला कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए योग्य किसानों का पारदर्शी चयन कर उन्हें आधुनिक खेती, जल संरक्षण और कृषि विविधीकरण का प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए।
खाद वितरण की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने उर्वरकों की कालाबाजारी या कृत्रिम अभाव पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर दोषी विक्रेताओं का लाइसेंस निरस्त किया जाए तथा सभी खाद विक्रेताओं के स्टॉक का नियमित भौतिक सत्यापन भी किया जाए।
किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की कम संख्या में प्राप्त आवेदनों पर चिंता जताते हुए उपायुक्त ने सभी प्रखंडों में विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक किसानों को केसीसी से जोड़ने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खेती के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों को बीज और खाद के साथ समय पर वित्तीय सहायता भी मिलनी चाहिए। कृषक मित्रों के साथ नियमित बैठक करने तथा लंबित मानदेय के भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को भी कहा गया।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत पशुधन वितरण में तेजी लाने तथा लाभुकों के केसीसी संबंधी मामलों का जल्द निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पशुपालकों को वैज्ञानिक पशुपालन, टीकाकरण, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन और बीमा दावा प्रक्रिया का प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया।
मत्स्य विभाग को मत्स्य बीज वितरण में तेजी लाने और शेष 40 तालाबों की बंदोबस्ती शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए गए। वहीं सहकारिता विभाग को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा जेएसएलपीएस को स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को लेयर एवं बैकयार्ड फार्मिंग से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने को कहा गया। बैठक में उप विकास आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे।