सरायकेला के ऐतिहासिक रथ मेला के विकास के लिए विधानसभा में उठेगी मांग : दशरथ गागराई
सरायकेला, 24 जुलाई : खरसावां के विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि सरायकेला की ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत और करीब 350 वर्ष पुराने श्री जगन्नाथ रथ मेला के समुचित विकास के लिए आगामी विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री के समक्ष आवश्यक पहल की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस संबंध में सरायकेला के प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलकर ठोस कदम उठाए जाएंगे।
गुरुवार देर शाम विधायक दशरथ गागराई गुंडिचा मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ, श्री बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन-पूजन कर राज्य और क्षेत्रवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। उनके साथ घाटशिला के पूर्व विधायक लक्ष्मण टुडू, झामुमो जिलाध्यक्ष डॉ. शुभेंदु महतो, सरायकेला विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी गणेश महाली, जिला सचिव बैद्यनाथ टुडू, रानी हेंब्रम तथा वासुदेव महतो भी मौजूद रहे। श्री जगन्नाथ मेला समिति की ओर से सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि उन्हें 18 जुलाई को रथ मेला के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था, लेकिन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के कारण राज्य से बाहर रहने की वजह से वे शामिल नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि सरायकेला-खरसावां की समृद्ध संस्कृति, धार्मिक परंपराएं और सामाजिक सौहार्द पूरे झारखंड के लिए प्रेरणास्रोत हैं। राज्य सरकार सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण एवं विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने श्री जगन्नाथ मेला समिति के अध्यक्ष एवं नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी सहित समिति के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों की सफल आयोजन के लिए सराहना की।
इस अवसर पर मेला समिति के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि सरायकेला का करीब 350 वर्ष पुराना श्री जगन्नाथ रथ मेला अब रांची के बाद झारखंड का दूसरा सबसे बड़ा मेला बन चुका है और एक विशाल सांस्कृतिक एवं धार्मिक महोत्सव का स्वरूप ले चुका है। उन्होंने बताया कि मेले के सफल संचालन में उपाध्यक्ष गोविंद साहू, सचिव छोटेलाल साहू, सांस्कृतिक सचिव रूपेश साहू, उपाध्यक्ष भोला मोहंती सहित पूरी समिति का सामूहिक योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि मेले के लगातार बढ़ते स्वरूप को देखते हुए वर्तमान स्थल छोटा पड़ने लगा है। गुंडिचा मंदिर के सामने स्थित जर्जर एवं अनुपयोगी भवनों को हटाकर भूमि का समतलीकरण कराया जाए, ताकि भविष्य में रथ मेला, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए एक विशाल एवं सुव्यवस्थित मैदान विकसित किया जा सके। इससे मेले के विस्तार के साथ-साथ सरायकेला शहर के सौंदर्यीकरण को भी नई दिशा मिलेगी।
विधायक दशरथ गागराई ने समिति की मांग पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम का संचालन भोला मोहंती ने किया। मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मेला समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।