बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को गति देने के लिए एलईडी जागरूकता रथ रवाना
सरायकेला, 14 जुलाई : बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं जन-जागरूकता के उद्देश्य से समाहरणालय परिसर से उपायुक्त नितिश कुमार सिंह एवं उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने संयुक्त रूप से एलईडी जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर हस्ताक्षर अभियान का शुभारंभ भी किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मियों एवं आमजन को ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के अंतर्गत लिंग भेद, कन्या भ्रूण हत्या एवं बालिकाओं के प्रति भेदभाव जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने तथा बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई। इसके उपरांत उपस्थित सभी लोगों ने हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर बेटियों के सम्मान एवं समान अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
अपने संबोधन में उपायुक्त ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति उसकी बेटियों के सम्मान, सुरक्षा एवं शिक्षा पर निर्भर करती है। बेटियों को समान अवसर उपलब्ध कराना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि लिंग आधारित भेदभाव, कन्या भ्रूण हत्या एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने अभिभावकों से अपनी बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं एवं आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराने का आह्वान किया। साथ ही नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं भी भ्रूण लिंग जांच अथवा पीसीपीएनडीटी अधिनियम के उल्लंघन जैसी अवैध गतिविधियों की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उपायुक्त ने कहा कि एलईडी जागरूकता रथ का उद्देश्य केवल सरकारी योजनाओं का प्रचार-प्रसार करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना है। उन्होंने सभी नागरिकों से अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने तथा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संदेश को अपने परिवार, विद्यालय, कार्यस्थल एवं समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने की अपील की।
उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने कहा कि बालिकाओं के प्रति सम्मानजनक एवं समानतामूलक दृष्टिकोण विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों एवं जनसहभागिता से ही इस अभियान के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकता है।
इस अवसर पर बताया गया कि एलईडी जागरूकता रथ जिले के सभी 09 प्रखंडों में प्रत्येक प्रखंड में एक-एक दिन भ्रमण करेगा। रथ के माध्यम से एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित जागरूकता संदेशों, लघु फिल्मों एवं सूचना सामग्री के माध्यम से आमजन को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, कन्या भ्रूण हत्या निषेध, बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, पोषण एवं महिला सशक्तिकरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि वे एलईडी जागरूकता रथ के कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लें, हस्ताक्षर अभियान से जुड़कर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। सभी नागरिक इस जन-जागरूकता अभियान से जुड़कर एक समानतामूलक, सुरक्षित एवं बेटियों के अनुकूल समाज के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें।
मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी गोपी उराँव, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर, सीडीपीओ सुरुचि प्रसाद, महिला पर्यवेक्षिका (एल.एस.) सविता सिन्हा, महिला पर्यवेक्षिका (एल.एस.) नेहा कुमारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।