समाहरणालय परिसर में आम महोत्सव-सह-बागवानी मेला शुरू, किसानों की मेहनत और बिरसा हरित ग्राम योजना की सफलता हुई प्रदर्शित
जमशेदपुर, 06 जून : पूर्वी सिंहभूम जिला समाहरणालय परिसर में शनिवार को आम महोत्सव-सह-बागवानी मेला का भव्य शुभारंभ हुआ। उपायुक्त राजीव रंजन ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जिले के विभिन्न प्रखंडों में उत्पादित आम की विविध प्रजातियों के स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर विभिन्न किस्मों के आमों का अवलोकन किया। कार्यक्रम के दौरान बिरसा हरित ग्राम योजना की उपलब्धियों को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने बताया कि मनरेगा के तहत संचालित यह महत्वाकांक्षी योजना पिछले एक दशक से जिले में सफलतापूर्वक लागू की जा रही है। योजना का उद्देश्य किसानों एवं मनरेगा मजदूरों को कृषि आधारित स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना तथा मृदा संरक्षण सुनिश्चित करना है। इसके प्रभावी संचालन के लिए मनरेगा कर्मियों, बागवानी सखियों एवं मित्रों को नियमित रूप से प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक जिले में लगभग 6,000 एकड़ भूमि पर बागवानी विकसित की जा चुकी है। प्रति इकाई 4.37 लाख रुपये से अधिक की लागत वाली इस योजना में मुख्य रूप से अम्रपाली और मल्लिका प्रजाति के आम के पौधों का रोपण किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए मार्केट लिंकेज पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। गत वर्ष जिले के 14 किसानों ने आम की बिक्री से कुल 5.12 लाख रुपये की आय अर्जित की थी। जिले के आमों की आपूर्ति न केवल स्थानीय बाजारों और झारखंड के विभिन्न जिलों में की गई, बल्कि राज्य के बाहर भी भेजी गई। जिले के लिए गौरव की बात यह रही कि पटमदा प्रखंड के किसान अशोक कुमार महतो द्वारा उत्पादित आम का निर्यात एपीडा (APEDA) के सहयोग से सऊदी अरब तक किया गया। बिरसा हरित ग्राम योजना की सफलता की गूंज अन्य राज्यों तक भी पहुंची है। योजना के क्रियान्वयन का अध्ययन करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के 13 अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने जमशेदपुर एवं बोड़ाम प्रखंड का दौरा कर इसकी कार्यप्रणाली का अवलोकन किया था। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में अब तक 96,649 किलोग्राम आम का उत्पादन दर्ज किया गया है, जबकि 210.17 क्विंटल यानी 21,017 किलोग्राम आम की बिक्री हो चुकी है। प्रशासन किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए स्थानीय बाजारों, प्रदर्शनी-सह-बिक्री मेलों तथा एपीडा के माध्यम से विपणन की रणनीति पर काम कर रहा है। आम महोत्सव में जिले में उत्पादित विभिन्न किस्मों के आम आकर्षण का केंद्र बने रहे। मेले में पहुंचे लोगों ने किसानों के प्रयासों की सराहना की और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल को महत्वपूर्ण बताया।