झारखंड में महागठबंधन की राह अलग! कांग्रेस के बाद झामुमो ने भी राज्यसभा की दोनों सीटों पर उम्मीदवार उतारने का किया ऐलान
रांची, 05 जून : झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस द्वारा प्रणव झा को उम्मीदवार घोषित किए जाने के एक दिन बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की घोषणा कर दी है। इस फैसले ने राज्य की सियासत में नए समीकरणों और संभावित टकराव की चर्चाओं को जन्म दे दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित झामुमो की महत्वपूर्ण बैठक के बाद मंत्री हफीजुल अंसारी ने बताया कि पार्टी दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के चयन का अंतिम अधिकार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सौंप दिया गया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस द्वारा प्रणव झा को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद से ही महागठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर सवाल उठने लगे थे। आमतौर पर गठबंधन दल राज्यसभा चुनाव में साझा उम्मीदवार उतारते हैं, लेकिन इस बार दोनों प्रमुख सहयोगी दलों के अलग-अलग रुख ने गठबंधन की एकजुटता पर चर्चा छेड़ दी है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी भी पहले ही चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर चुकी है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ के रांची दौरे के बाद उनके संभावित उम्मीदवार होने की अटकलें भी तेज हो गई हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि झामुमो किसे अपना उम्मीदवार बनाती है और क्या महागठबंधन के दल अंतिम समय में किसी साझा रणनीति पर सहमत हो पाते हैं या नहीं। राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की राजनीति में बढ़ती हलचल ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है।