कुकड़ू, 14 मई : ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में जंगली हाथियों की समस्या बदस्तूर जारी है। आए दिन हाथियों की उपस्थिति क्षेत्र में देखा जा रहा है। जंगली हाथी भी मकान व फस्ल को नुकसान पहुंचाकर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इस दौरान बीते कुछ महिनों में जंगली हाथियों ने कई लोगों की जान ली, तो दूसरी और कई हाथियों की भी मौत विभिन्न कारणों से हो चुकी है। ताजा मामला अब कुकड़ू प्रखंड के ईचाडीह पंचायत अंतर्गत आदरडीह चौका गांव का है। बुधवार की रात लगभग 10.30 बजे आदरडीह चौका गांव मनोनीत ग्राम प्रधान गुरुपद गोप के मकान पर धावा बोलकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया और मकान के अंदर रखे अनाज को अपना निवाला बनाया।
बाल-बाल बचे लोग
जगली हाथी ने जिस मकान पर धावा बोला उसके अंदर गुरुपद गेाप अपनी पत्नी, विवाहित बेटी और छोटे-छोटे बच्चों के साथ सोये थे। हाथी के हमले के वक्त गुरुपद गोप ने साहस दिखाते हुए सभी सकुशल बचाने का प्रयास किया। इस दौरान उसकी पत्नी घायल हो गई। उसके छाती में अंदरूनी चोट लगने के साथ पैर में चोट लगने से खून निकलने लगा। इस बीच जंगली हाथी ने घर के अंदर रखे अनाज को खाकर और बिखर कर नष्ट कर दिया। घर के सामानों को भी नुकसान पहुंचाया। मकान का मुख्य दरवाजा और एक दीवार को जंगली हाथी ने तोड़ दिया है। जिसके कारण अब उस घर में रहना सुरक्षित नहीं रह गया।
उदासीनता व नाकामयाबी का परिणाम
ग्रामीणों ने सरकार से मांग की है कि गुरुपद गोप की पत्नी को बेहतर इलाज की सुविधा के साथ क्षतिपूर्ति का मुआवजा जल्द मिले। ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग जंगली हाथी आने की सूचना माईकिंग कर देने की बात कही थी। कहां है माईकिंग की व्यवस्था। बार-बार इस तरह कि घटना को संज्ञान मे लेकर त्वरित व्यवस्था होनी चाहिए। वन विभाग की उदासीनता व नाकामयाबी के कारण इस तरह कि घटना बार-बार हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि और समाजसेवी अपने दलाल चमचों को ही जनता समझते है। पब्लिसिटी के लिए जनता के नाम पर बम-फटका और टार्च का वितरण भी दलाल चमचों को ही करते हैं। जो सही समय घर से निकलता ही नहीं है।