चांडिल, 07 अप्रैल : चक्रधरपुर रेल मंडल की ओर से आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव हरे लाल महतो को बड़ी राहत मिली है। रेलवे पुलिस द्वारा दर्ज एक मामले में हरेलाल महतो सहित उनके दो सहयोगी को बरी कर दिया है। जमशेदपुर रेलवे कोर्ट में आज हरे लाल महतो एवं अन्य दो व्यक्ति पेश हुए, जहां चंद रुपयों का जुर्माना लगाते हुए केस से मुक्त किया गया।
दअरसल, कुड़मी जाति को एसटी का दर्जा देने की मांग को लेकर गत 20 सितंबर 2025 को आदिवासी कुड़मी समाज के आह्वान पर रेल टेका-डहर छेका आंदोलन हुआ था। उस आंदोलन के तहत आजसू पार्टी केंद्रीय महासचिव एवं ईचागढ़ विधानसभा के पूर्व NDA प्रत्याशी हरेलाल महतो के नेतृत्व में हजारों की संख्या में लोगों ने रेल रोका था। 21 सितंबर की सुबह हरेलाल महतो अपने समर्थकों के साथ सरायकेला-खरसावां जिले के नीमडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत हैंसालौंग स्टेशन के समीप रेल पटरी जाम कर दिया था, जिससे बड़काकाना-टाटा पैसेंजर ट्रेन सहित अनेकों मालवाहक ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया था। यह आंदोलन झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में किया गया था। जिन स्थानों पर रेल रोका गया था, उन स्थानों पर शामिल हुए प्रदर्शनकारियों के ऊपर रेलवे पुलिस की ओर से मामला दर्ज कराया गया था।
मंगलवार को आजसू पार्टी के नेता हरेलाल महतो, आदिवासी कुड़मी समाज के जिला प्रभारी प्रभात कुमार महतो तथा कुकडू प्रखंड अध्यक्ष सीमंत कुमार महतो उर्फ बादल महतो जमशेदपुर रेलवे कोर्ट में पेश हुए, जहां कुछ शर्तों और करीब दो – दो हजार रुपये का जुर्माना लगाकर मामले से मुक्त किया गया।