चुनाव से पहले “टाइगर” जयराम की दहाड़ पड़ी फीकी, जिलाध्यक्ष ने थामा तृणमूल का हाथ

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पुरुलिया/झालदा, 31 मार्च : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से ठीक पहले “टाइगर” कहे जाने वाले डुमरी विधायक सह JLKM केंद्रीय अध्यक्ष जयराम महतो की सियासी ताकत पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जिस संगठन के दम पर वे पश्चिम बंगाल के चुनावी मैदान में ताल ठोक रहे थे, उसी के जिला अध्यक्ष ने आखिरी वक्त पर पाला बदलकर तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम लिया।

सोमवार को झारखंड से सटे बाघमुंडी विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल प्रत्याशी के समर्थन में आयोजित जनसभा में अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी ने माहौल को पूरी तरह बदल दिया। झालदा के ईचाग 108 कुंज मैदान में जैसे ही मंच सजा, वैसे ही जयराम महतो की पार्टी को पहला झटका लगा।

अभिषेक बनर्जी के भाषण शुरू होने से पहले ही JLKM के पुरुलिया जिला अध्यक्ष गोपाल चंद्र महतो और आदिवासी कुर्मी समाज के नेता भद्रदुलाल महतो ने खुले मंच से तृणमूल कांग्रेस में शामिल होकर यह साफ संकेत दे दिया कि “टाइगर” की टीम में दरार गहरी हो चुकी है।

राजनीतिक गलियारों में इसे जयराम महतो की रणनीति पर सीधा प्रहार माना जा रहा है। जिस समय उन्हें अपने संगठन को मजबूत करने की जरूरत थी, उसी समय उनके करीबी नेता दूसरी पार्टी में चले गए, यह उनकी पकड़ पर सवाल खड़े करता है।

23 अप्रैल को होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम बाघमुंडी और जयपुर विधानसभा सीटों पर समीकरण बदल सकता है। जयराम महतो की पार्टी ने भले ही उम्मीदवारों की घोषणा कर दी हो, लेकिन जमीनी स्तर पर हो रही इस तरह की टूट से उनकी स्थिति कमजोर होती दिख रही है।

जनसभा को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो और पूर्व विधायक नेपाल महतो पर भी निशाना साधा, साथ ही क्षेत्र में विकास के वादों की झड़ी लगा दी।

इधर, तृणमूल खेमे में इस घटनाक्रम के बाद जबरदस्त उत्साह देखा गया, जबकि राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि “टाइगर” की दहाड़ अब उतनी असरदार नहीं रही, जितनी झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान मानी जा रही थी।

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