भाजपा के मजबूत गढ़ में बदला समीकरण, झारखंड मुक्ति मोर्चा समर्थित मनोज चौधरी बने सरायकेला नगर अध्यक्ष, कांग्रेस भी हुआ धराशायी

सरायकेला, 27 फरवरी : सरायकेला नगर अध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम ने स्थानीय सियासत में नया संदेश दिया है। लंबे समय से भाजपा के प्रभाव वाले माने जाने वाले इस क्षेत्र में इस बार मतदाताओं ने अलग फैसला सुनाया और झारखंड मुक्ति मोर्चा समर्थित उम्मीदवार मनोज कुमार चौधरी को नगर अध्यक्ष की कुर्सी सौंप दी। उन्होंने कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव को निर्णायक मुकाबले में पराजित किया।
मतगणना पूरी होते ही चौधरी के समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। ढोल-नगाड़ों की थाप, आतिशबाजी और फूल-मालाओं के बीच समर्थकों ने उन्हें विजय जुलूस के साथ मतगणना स्थल से बाहर निकाला। पूरे शहर में जश्न का माहौल रहा।
मुद्दों पर लड़ी गई चुनावी लड़ाई
इस चुनाव को केवल दलों की प्रतिष्ठा का प्रश्न नहीं, बल्कि स्थानीय विकास बनाम राजनीतिक परंपरा की लड़ाई के रूप में देखा जा रहा था। मनोज चौधरी पूर्व में नगर परिषद के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कार्यकाल में अपेक्षित विकास नहीं हो सका, लेकिन इस बार जनता ने उन्हें पूर्ण जिम्मेदारी देकर भरोसा जताया है।
विजय के बाद चौधरी ने कहा यह जीत सरायकेला की जनता की है। लोगों ने काम और संकल्प पर विश्वास किया है। अब विकास को दोगुनी गति से आगे बढ़ाया जाएगा और जो वायदे किए गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।”उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव में धनबल और प्रभाव का इस्तेमाल हुआ, लेकिन मतदाताओं ने उसे खारिज कर दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह परिणाम सरायकेला की बदलती राजनीतिक सोच का संकेत है। भाजपा के पारंपरिक प्रभाव वाले माने जाने वाले क्षेत्र में विपक्ष समर्थित उम्मीदवार की जीत आने वाले चुनावों के लिए भी महत्वपूर्ण संकेत दे सकती है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई नगर परिषद टीम शहर के बुनियादी ढांचे, सफाई व्यवस्था, पेयजल, सड़क और शहरी सुविधाओं को लेकर क्या ठोस पहल करती है। फिलहाल, सरायकेला की जनता ने बदलाव का संदेश दे दिया है — अब बारी वादों को जमीन पर उतारने की है।



