छर्रा हवाई अड्डे पर बंगाल सरकार की चुप्पी उजागर, संसद में दर्ज हुआ ‘विकास-विरोधी रवैया’

पुरुलिया, 6 फरवरी : पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला अंतर्गत छर्रा हवाई अड्डे के विकास को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार की कथित उदासीनता अब संसद के पटल पर उजागर हो गई है। पुरुलिया से सांसद ज्योतिमय सिंह महतो ने लोकसभा में 5 फरवरी को पूछे गए स्टार्ड प्रश्न संख्या 100 के उत्तर का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सांसद महतो ने कहा कि वर्ष 2023 में भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) द्वारा छर्रा एयरफील्ड के विकास को लेकर संयुक्त पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन किए जाने के बावजूद, राज्य सरकार अब तक केंद्र सरकार को कोई ठोस प्रस्ताव भेजने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि यह तथ्य अब लोकसभा की कार्यवाही में आधिकारिक रूप से दर्ज हो चुका है।
सांसद के अनुसार, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ने स्वयं लोकसभा में स्पष्ट किया कि छर्रा एयरफील्ड को व्यावसायिक हवाई अड्डे के रूप में विकसित करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार से अब तक कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। इससे राज्य सरकार के विकास संबंधी दावों और प्रचार-राजनीति की पोल खुल गई है।
ज्योतिमय सिंह महतो ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र प्रायोजित विकास योजनाओं के प्रति लगातार बाधक रवैया अपनाती रही है। उन्होंने रेलवे परियोजनाओं में एनओसी रोके जाने, हवाई अड्डे के विकास में जानबूझकर देरी और बांदवान में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय जैसी आदिवासी शिक्षा परियोजनाओं में अड़चनें उत्पन्न करने का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि जंगलमहल और पुरुलिया की जनता विकास की आकांक्षा रखती है और राज्य सरकार द्वारा बार-बार किए जा रहे इस विश्वासघात को लोग लंबे समय तक माफ नहीं करेंगे। सांसद ने यह भी दोहराया कि वे पुरुलिया के हक और आवाज को हर मंच पर मजबूती से उठाते रहेंगे।
यह प्रेस वक्तव्य भाजपा पुरुलिया जिला महासचिव बिप्लब मुखर्जी द्वारा जारी किया गया।



