पत्रकारों की सक्रियता से लापता युवती सकुशल बरामद, पुलिस–मीडिया समन्वय बना मिसाल

आदित्यपुर, 04 फरवरी : पत्रकारिता जब संवेदना और जिम्मेदारी के साथ निभाई जाती है, तो उसका असर सिर्फ खबर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि जिंदगियां भी सुरक्षित होती हैं। ऐसा ही एक उदाहरण आदित्यपुर में देखने को मिला, जहां स्थानीय पत्रकारों की तत्परता और मानवीय पहल से डेढ़ माह से लापता एक युवती को सकुशल उसके परिवार से मिलाया जा सका।
मामला आदित्यपुर के एक हिंदू युवती के लापता होने से जुड़ा है। परिजन लंबे समय से उसकी तलाश में भटक रहे थे। युवती के भाई मिथुन ने अंततः पत्रकार नवीन प्रधान और सुमित सिंह से संपर्क किया। दोनों पत्रकारों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए इसे प्राथमिकता दी और खबर प्रकाशित की।
खबर सामने आते ही पुलिस हरकत में आई। तकनीकी जांच के आधार पर युवती की लोकेशन दिल्ली में ट्रेस की गई। इसी बीच दो दिन बाद युवती ने स्वयं अपने भाई को फोन कर टाटानगर स्टेशन पहुंचने की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही पत्रकार नवीन प्रधान और सुमित सिंह निजी वाहन से मिथुन को साथ लेकर टाटानगर स्टेशन पहुंचे। काफी खोजबीन के बाद युवती प्लेटफार्म नंबर एक स्थित कोरियर यार्ड के समीप मिली। पत्रकारों ने न केवल युवती का हालचाल जाना, बल्कि तत्काल पुलिस को भी सूचना दी।
पुलिस युवती को अपने साथ थाना लेकर गई, जहां आवश्यक औपचारिकताओं के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। युवती ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक गैर हिंदू युवक से संपर्क हुआ था, जिसने नाम बदलकर बातचीत की और प्रेमजाल में फंसाकर उसे बाहर ले गया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। स्थानीय स्तर पर यह मामला मीडिया और पुलिस के बेहतर समन्वय तथा पत्रकारों की सामाजिक जिम्मेदारी का उदाहरण बनकर सामने आया है।



