रेल टेका आंदोलन में शामिल होने पर झारखंड आंदोलनकारी नेता सुनील महतो गिरफ्तार, बाद में मिली जमानत

Manbhum Updates
3 Min Read

रेल टेका आंदोलन में शामिल होने पर झारखंड आंदोलनकारी नेता सुनील महतो गिरफ्तार, बाद में मिली जमानत

नीमडीह, 06 अक्टूबर : आदिवासी कुड़मी समाज द्वारा चलाए जा रहे रेल टेका–डहर छेका आंदोलन में शामिल नेताओं पर रेलवे प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है। इसी सिलसिले में रविवार को झारखंड आंदोलन के प्रखर नेता और वर्तमान में कुड़मी समाज के आंदोलन के अग्रणी चेहरा सुनील महतो को रेलवे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। हालांकि कुछ घंटे बाद ही उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार, 20 सितंबर को झारखंड, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा — तीनों राज्यों में एक साथ कुड़मी समुदाय को अनुसूचित जनजाति (एसटी) की सूची में शामिल करने की मांग को लेकर व्यापक रेल टेका आंदोलन आयोजित किया गया था। इस दौरान चांडिल अनुमंडल के हेंसालौंग रेलवे स्टेशन के पास प्रदर्शनकारियों ने रेल लाइन पर धरना देकर ट्रेनों का परिचालन बाधित किया था।

इस घटना को लेकर रेलवे पुलिस (सुईसा पोस्ट) में सुनील महतो समेत 5 नामजद और 500–600 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सभी नामजदों को नोटिस जारी किया गया था। रविवार को जब सुनील महतो अपने समर्थकों के साथ सुईसा पोस्ट पहुंचे और नोटिस का जवाब देने उपस्थित हुए, तभी रेलवे पुलिस ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी की खबर फैलते ही ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र में हलचल मच गई और कुड़मी समाज के लोगों में तीव्र आक्रोश देखा गया। समर्थकों ने इसे आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया। हालांकि बाद में पुलिस ने बांड भरवाकर सुनील महतो को रिहा कर दिया।

गौरतलब है कि सुनील महतो झारखंड अलग राज्य आंदोलन के दौरान एक अग्रणी आंदोलनकारी नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। उन्होंने आर्थिक नाकेबंदी, रेल–सड़क जाम और सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी जैसे कई ऐतिहासिक आंदोलनों का नेतृत्व किया है। हाल के वर्षों में वे पुनः सक्रिय होकर कुड़मी समाज के सामाजिक और राजनीतिक अधिकारों की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रेलवे की इस कार्रवाई से आंदोलनकारियों में रोष और असंतोष बढ़ा है, और आने वाले दिनों में इसका राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।

Share This Article