ईचागढ़ : देवलटांड में शुक्रवार को होगा रावण दहन, झुमर पर झुमे लोग

ईचागढ़, 02 अक्टूबर : ईचागढ़ प्रखंड के देवलटांड में हर्षोल्लास के साथ दुर्गोत्सव मनाया गया। यहां महाषष्ठी के दिन बेलवरन कर देवी अधिवास करने के साथ अनुष्ठान प्रारंभ किया गया था। दुर्गोत्सव के दौरान यहां महासप्तमी और महाष्टमी पर धार्मिक अनुष्ठान के तहत रामायण पाठ का आयोजन किया गया था। वहीं महानवमी को संध्या समय झुमर संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। महाष्टमी पर देवी की आराधना के लिए यहां भक्तों की अपार भीड़ उमड़ी थी। गांव के भक्तों के पूजा के लिए यहां टोलावार समय निर्धारित किया गया था।
रावण दहन की तैयारी पूरी
दुर्गा पूजा समिति देवलटांड की ओर से इस वर्ष एकादशी के दिन रावण दहन का कार्यक्रम आयोंजित किया गया है। प्रतिवर्ष यहां विजया दशमी के दिन रावण दहन किया जाता था। इस वर्ष विजया दशमी गांधी जयंती के दिन पड़ने के कारण इसे एक दिन आगे बढ़ाया गया। यहां शुक्रवार को धुमधाम के साथ रावण दहन किया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। देवलटांड में झारखंड अलग राज्य गठन के पूर्व से रावण दहन का आयोजन किया जाता है। इसके साथ ही शुक्रवार को यहां देवी की प्रतिमा का भी विसर्जन किया जाएगा।
भक्त बनवाते है प्रतिमा
देवलटांड में दुर्गा पूजा के अवसर पर अनोखी परंपरा देखने को मिलता है। यहां बीते दस सालों से कोई ना कोई भक्त देवी की भव्य व आकर्षक प्रतिमा बनवाता है। बताया जाता है कि यहां मन्नत पूरी होने पर भक्त देवी की आकर्षक व भव्य प्रतिमा बनवाता है। यह परंपरा बीते दस सालों से चला आ रहा है और वर्ष 2033 तक के लिए प्रतिमा दाता तय हो चुके हैं। समिति के रजिस्टर में अबतक आठ प्रतिमा दाता अपना नाम अंकित करवा चुके हैं। समिति की ओर से प्रतिमा दाताओं को उनके प्रतिमा निर्माण का वर्ष बैठक का तय कर दिया गया है।



