जमशेदपुर : रामलीला में चित्रकूट आगमन और सूपर्णखा प्रसंग का मंचन

जमशेदपुर, 27 सितंबर : साकची स्थित श्री श्री रामलीला उत्सव समिति की ओर से चल रही रामलीला महोत्सव में शनिवार की रात भगवान श्रीराम, लक्ष्मण एवं सीता जी के चित्रकूट आगमन का दिव्य प्रसंग प्रस्तुत किया गया। मंचन में भगवान श्रीराम विभिन्न आश्रमों का भ्रमण कर ऋषि-मुनियों से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस अवसर पर माता सती अनसूया द्वारा सीता जी को दिव्य भूषण अर्पित करने और महर्षियों द्वारा भगवान राम को दिव्य अस्त्र प्रदान करने का अद्भुत दृश्य दर्शकों के बीच आस्था और भक्ति का वातावरण उत्पन्न कर गया।

चित्रकूट प्रवास के प्रसंग में रावण की बहन सूपर्णखा का आगमन दिखाया गया, जहाँ वह भगवान श्रीराम से विवाह का प्रस्ताव रखती है। भगवान श्रीराम और लक्ष्मण दोनों द्वारा इनकार किए जाने पर क्रोधित होकर वह सीता जी पर आक्रमण करने का प्रयास करती है। इस पर लक्ष्मण द्वारा उसका नासिका छेदन कर दंडित करने का दृश्य देख उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। आगे की कड़ी में सूपर्णखा अपने भाई खर-दूषण के पास जाकर प्रतिशोध की बात करती है, किन्तु युद्ध में भगवान श्रीराम के हाथों उसका वध हो जाता है।
कार्यक्रम के पूर्व संस्थापक की पुण्य स्मृति में डॉ. डी. पी. शुक्ला ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इसी क्रम में कैलाश मिश्रा, मुन्ना बाबू गुप्ता एवं विजय तिवारी ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।
आज के आयोजन में समिति के ट्रस्टीगण एवं बड़ी संख्या में सदस्य व श्रद्धालु उपस्थित रहे। मंचन की दिव्य झलकियों ने वातावरण को राममय कर दिया।



