
पावर प्लांट लगाने के नाम पर बैंकों से लिया गया था ऋण, प्लांट स्थापित नहीं होने की शिकायत पर कार्रवाई की चर्चा
चांडिल, 30 अक्टूबर : सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना अंतर्गत खूंचीडीह में बंद पड़ी कोहिनूर स्टील कंपनी में शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई से इलाके में हलचल मच गई। सुबह करीब पांच बजे ईडी की टीम कंपनी परिसर पहुंची और लगातार आठ घंटे तक जांच-पड़ताल की। दोपहर बाद टीम वहां से रवाना हो गई। हालांकि, इस कार्रवाई में क्या कुछ सामने आया, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं मिल पाई है। बताया जा रहा है कि ईडी की टीम ने कई अहम दस्तावेज साथ ले गई हैं। वहीं, कंपनी परिसर की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की है।
मिली जानकारी के अनुसार, कोहिनूर स्टील कंपनी में पावर प्लांट स्थापित करने के नाम पर विभिन्न बैंकों से करीब 900 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया था। आरोप है कि भारी-भरकम ऋण लेने के बावजूद कंपनी प्रबंधन ने प्रस्तावित पावर प्लांट स्थापित नहीं किया। इसी मामले को लेकर शिकायत किए जाने के बाद ईडी की जांच और शुक्रवार की छापेमारी को जोड़कर देखा जा रहा है।
ईडी की टीम ने करीब आठ घंटे तक कंपनी परिसर में रहकर विभिन्न पहलुओं की जांच की। इस दौरान किन दस्तावेजों की पड़ताल की गई और क्या कोई महत्वपूर्ण साक्ष्य हाथ लगा, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। ईडी की ओर से भी अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म
कोहिनूर स्टील जैसी बड़ी औद्योगिक इकाई के बंद रहने और अब करीब 900 करोड़ रुपये के कथित बैंक ऋण मामले में ईडी की दस्तक ने क्षेत्र में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्रवाई के बाद इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं। लोग कंपनी के बंद होने, बैंक ऋण के इस्तेमाल, प्रस्तावित पावर प्लांट के निर्माण और पूरे मामले की जांच को लेकर कयास लगा रहे हैं।
फिलहाल आठ घंटे की इस कार्रवाई के बाद सबकी निगाहें ईडी की अगली जांच और आधिकारिक खुलासे पर टिकी हैं। जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस पूरे मामले की परतें खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।



