पारंपरिक हातु सरदार, मुड़ा, नाया, डाकुआ स्वशासन व्यवस्था को मजबूत बनाने को लेकर हुई बैठक में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री व विधायक 

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चांडिल, 09 अप्रैल : भूमिज समाज के पारंपरिक हातु सरदार, मुड़ा, नाया, डाकुआ स्वशासन व्यवस्था को मजबूत बनाने को लेकर गुरुवार को चांडिल में गुरुवार को बैठक हुई। मौके पर अतिथि के रूप में रांची के सांसद सह केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और पोटका के विधायक संजीव सरदार उपस्थित थे। बैठक का शुभारंभ वीर शहीदों के तस्वीर पर श्रधांजलि देने के साथ किया गया। मौके पर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भुमिज समुदाय स्वशासन व्यवस्था के अगुवाओं को हर संभव मदद करने की बात कही। साथ ही उन्होंने टेंगाडीह में स्थापित बिरसा मुंडा और चालकबेड़ा में चुहाढ़ विद्रोह के महानायक रघुनाथ सिंह भुमिज के मूर्ति में शेड निर्माण एवं सुंदरीकरण कराने का आश्वासन दिया।

वहीं, विधायक संजीव सरदार ने कहा कि अब गांव के सामाजिक व्यवस्था के संचालन की जिम्मेदारी सामाजिक व्यवस्था से जुड़े अगुवाओ के हाथों होगा। उन्होंने ग्राम व्यवस्था को मजबूत करने, जल, जंगल और जमीन को बचाने में आगे आने की अपील की। विधायक ने कहा कि हम प्रकृति पूजक है, जल, जंगल और जमीन से हमारा आस्था जुड़ा है। इसलिए सभी प्रकृति को बचाने के लिए गांव को जागरूक करें। पहचान को बनाए रखने के लिए, अपनी भाषा और संस्कृति को जाने और सीखे, इसी से समाज की पहचान बनी रहेगी।

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बैठक में उपस्थित सामाजिक व्यवस्था से जुड़े वक्ताओं ने कहा कि पोटका के विधायक संजीव सरदार के प्रयास से पेसा नियमावली में भूमिज सामाजिक व्यवस्था को अधिसूचित किया गया है। साथ ही जेटेट में भूमिज भाषा को शामिल किया गया है। सभी ने सामाजिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूती बनाए रखने पर बल दिया। सभी अगुवाओ से आग्रह किया गया कि वे अपने जिम्मेदारी का निर्वाहन ईमानदारी से करे और समाज के बीच एक आदर्श पहचान स्थापित करें।

इस अवसर पर रवीेंद्र नाथ सिंह, सुबोध सिंह मुंडा, जयनाथ सिंह, रवींद्र सरदार, हरीश चंद्र सिंह भूमिज, जय सिंह सरदार, सुधाकर सिंह, वैद्यनाथ सिंह, उमेश सिंह मुंडा, सुनील सिंह मानकी, दल गोबिंद सिंह मुंडा, मंगल सिंह मुंडा, गुरुचरण सिंह, कालीपद सिंह, भदरु सिंह, ललित सिंह, मंटू सिंह, श्यामापद सिंह, इंद्रजीत सिंह मुंडा, अमर सिंह सरदार, शंकरी प्रसाद सिंह, भक्त रंज भुमिज, भानु प्रताप सिंह मानकी, राधेश्याम सिंह, नितु सिंह सरदार, देवसागर सिंह सरदार, उमापद सिंह मुंडा आदि उपस्थित थे।

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