विधानसभा में 1 वर्ष पूरे होने पर डुमरी विधायक जयराम महतो का संदेश—“सिस्टम में जंग लग चुका है, अब दूसरी परिवर्तन क्रांति की जरूरत”

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विधानसभा में 1 वर्ष पूरे होने पर डुमरी विधायक जयराम महतो का संदेश—“सिस्टम में जंग लग चुका है, अब दूसरी परिवर्तन क्रांति की जरूरत”

बोकारो, 23 नवंबर : झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों को आज एक वर्ष पूरा हो गया। 23 नवंबर 2024 को आए परिणामों में डुमरी विधानसभा से जीत दर्ज करने वाले JLKM अध्यक्ष एवं विधायक जयराम महतो ने इस अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपने क्षेत्रवासियों के नाम एक भावनात्मक और विचारोत्तेजक संदेश जारी किया है।

जयराम महतो ने एक वर्ष पूर्व मिले जनादेश को याद करते हुए कहा कि डुमरी की देवतुल्य जनता और पूरे राज्य के मतदाताओं ने JLKM को लगभग 11 लाख वोटों का आशीर्वाद दिया था। उन्होंने लिखा कि “लोगों के विश्वास ने मुझे विधानसभा में जनता का प्रतिनिधित्व करने की शक्ति दी और मैं इस भरोसे का सम्मान करने की पूरी कोशिश करता आया हूं।”

“हर ज्वलंत मुद्दे को सदन में उठाया”

विधायक ने बताया कि बीते एक साल में उन्होंने राज्य की अनेक महत्वपूर्ण समस्याओं को विधानसभा के पटल पर रखने का प्रयास किया— 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति, विस्थापन और प्रवासी मजदूरों के मुद्दे, रोजगार और युवाओं की चुनौतियाँ, खनिज लूट और भ्रष्टाचार।

उन्होंने कहा कि समस्याओं की गहराई को समझने के दौरान उन्हें महसूस हुआ कि “राज्य की व्यवस्था में जंग लग चुका है, और इसे साफ़ करने के लिए युवाओं को आगे बढ़कर एक और परिवर्तन क्रांति शुरू करनी होगी।”

 

“अफसर–माफिया गठजोड़ राज्य को खोखला कर रहा”

अपने संदेश में जयराम महतो ने प्रशासनिक तंत्र और माफिया तंत्र के बीच कथित गठजोड़ को लेकर भी सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह सांठगांठ “घुन की तरह राज्य को खा रही है” और इससे छुटकारा दिलाने के लिए जनता और युवाओं की सक्रिय भूमिका बेहद जरूरी है।

 

जनता को समर्पित किया एक वर्ष की उपलब्धि

डुमरी विधायक ने कहा कि बीते एक वर्ष की उपलब्धियों का श्रेय वे अपने मतदाताओं को देते हैं।

“आपका विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। आपके विकास और खुशहाली के लिए मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करता रहूंगा,”

 

“राजनीति जनसेवा का सबसे प्रभावी माध्यम”

जयराम महतो ने युवा पीढ़ी से राजनीति में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि राजनीति वह माध्यम है जिसके जरिए सदन में खड़े होकर आप शोषित-वंचितों की आवाज पूरे राज्य के सामने रख सकते हैं और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।

अपने संदेश के अंत में उन्होंने कहा— “आपके सहयोग को व्यर्थ नहीं जाने दूँगा। संघर्ष जारी रहेगा। जय झारखंड, आभार डुमरी, जय पारसनाथ।”

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