बीएड सत्र 2015 – 2017 से चयनित अवैध TGT शिक्षकों की सेवा होगी समाप्त

Manbhum Updates
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जमशेदपुर, 11 अप्रैल : कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग के सचिव के अनुमोदन से सरकार के अवर सचिव द्वारा बीएड सत्र 2015-2017 के राज्य स्तर में सभी अवैध शिक्षकों के वेतन भुगतान बंद करने हेतु स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को अविलंब पत्र निर्गत करने का आदेश दिया गया है । इस अनियमितता को सर्वप्रथम जुलाई 2024 में पूर्वी सिंहभूम जिला के उपायुक्त को संज्ञान में दिया गया था, लेकिन उपायुक्त एवं भ्रष्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी मनोज कुमार इस मामले को टालते गए। एक साल बाद स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा इस मामले पर निष्पक्ष जांच का आदेश क्षेत्रीय शिक्षा संयुक्त निदेशक कोल्हान प्रमंडल को दिया गया था।

RDDE के गलत और असंतोषजनक जांच प्रतिवेदन को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा पूरी तरह से खारिज करते हुए पुनः RDDE से स्पष्ट प्रतिवेदन जमा करने की मांग दिसंबर 2025 को की गई। जिसमें अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण नियुक्ति नियमावली और विज्ञापन शर्त के तहत दिनांक 25 अप्रैल 2017 के पूर्व पूर्ण था या नहीं इसका जबाव मांगा था। इनके साथ साथ सारी गतिविधियों की सूचना कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग को शिकायतकर्ता जमशेदपुर के पारडीह निवासी कार्त्तिक चंद्र साव द्वारा दिया गया।

कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग सभी साक्ष्यों को अवलोकनार्थ उपरांत सही पाए जाने पर सरकार के सचिव के अनुमोदन से सरकार के अवर सचिव द्वारा स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को झारखंड में राज्य स्तर पर बीएड सत्र 2015-2017 के सभी अवैध TGT शिक्षकों का वेतन भुगतान बंद हेतु अविलंब पत्र निर्गत करने का आदेश दिया गया है। इस कुकृत्य और अनियमितता से विभाग के गलती के कारण सैकड़ों हजारों योग्य अभ्यर्थियों के हक को छीन लिया गया था। कार्त्तिक चंद्र साव का मानना है कि यह वेतन भुगतान बंद का आदेश झारखंड में सुशिक्षा व्यवस्था लाने में मील का पत्थर साबित होगा।

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