हादसे से ज्यादा चर्चा में रही एंबुलेंस की देरी, एक घंटे तक सड़क पर तड़पता रहा घायल

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राजनगर, 21 जून : सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कुनाबेड़ा पुलिया के समीप रविवार सुबह हुए सड़क हादसे के बाद एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। माँ रोहिणी बस और बाइक की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हुए बाइक सवार को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण करीब एक घंटे तक मौके पर ही परेशानियों का सामना करना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, जिले के नीमडीह थाना के कल्याणपुर गांव निवासी आशीष महतो अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ हरिना मेला से लौट रहे थे। इसी दौरान कुनाबेड़ा पुलिया के पास उनकी बाइक की टक्कर माँ रोहिणी बस से हो गई। हादसे में आशीष महतो का दाहिना पैर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। उनकी पत्नी और बच्चे भी दुर्घटना की चपेट में आए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़ पड़े और एंबुलेंस को सूचना दी गई, लेकिन काफी देर तक कोई एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। घायल दर्द से कराहता रहा और परिजन मदद की गुहार लगाते रहे। घटना स्थल पर मौजूद लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन व्यवस्था पर नाराजगी जताई।

इस मामले को लेकर जेएलकेएम के प्रखंड अध्यक्ष संजय महतो ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिलना बेहद चिंताजनक है। यदि दुर्घटना के बाद गोल्डन ऑवर में इलाज उपलब्ध नहीं हो तो मरीज की जान को खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने एंबुलेंस सेवा में हुई देरी की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।

बाद में स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से घायल को राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर किए जाने की सूचना है।

उधर, सूचना मिलने पर राजनगर पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त बस को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों की पड़ताल कर रही है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं में समय पर एंबुलेंस उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए, ताकि घायल व्यक्तियों को तत्काल उपचार मिल सके और उनकी जान बचाई जा सके।

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