
मइयां सम्मान योजना के कारण पेंशन भुगतान रुकने की चर्चा को अधिकारियों ने बताया निराधार, 5 अक्टूबर को केंद्रांश के लिए भेजा गया था प्रस्ताव
जमशेदपुर, 03 नवंबर : पूर्वी सिंहभूम जिले में वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन का भुगतान पिछले कई महीनों से लंबित है। जिले के करीब 12 हजार पेंशनधारियों को अब तक राशि नहीं मिल पाई है। इस समस्या को लेकर झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने मंगलवार को उपायुक्त राजीव रंजन से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पेंशन भुगतान में हो रही देरी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़ी पेयजल योजनाओं का मुद्दा भी उठाया।
मुलाकात के दौरान कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि जिले में यह चर्चा फैलाई जा रही है कि राज्य सरकार की मइयां सम्मान योजना के कारण सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने इस दावे को निराधार बताते हुए पेंशन भुगतान में देरी की वास्तविक वजह स्पष्ट करने का आग्रह किया।
इस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से वस्तुस्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार के स्तर पर पेंशन की कोई राशि लंबित नहीं है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं में केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी होती है। जिले की ओर से सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करते हुए 5 अक्टूबर को ही केंद्र सरकार के हिस्से की राशि जारी करने के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है, लेकिन अब तक केंद्रांश की राशि प्राप्त नहीं हुई है।
अधिकारियों के मुताबिक, भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की SNA SPARSH डिजिटल फंड ट्रांसफर एवं भुगतान प्रणाली के माध्यम से केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि का हस्तांतरण किया जाता है। फिलहाल इस प्रणाली के तहत निकासी की मंजूरी नहीं मिलने से पेंशन भुगतान प्रभावित है। इसके चलते जिले के लगभग 12 हजार पेंशनधारियों को भुगतान का इंतजार करना पड़ रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार के स्तर पर लगातार पत्राचार किया जा रहा है। केंद्रांश की राशि प्राप्त होते ही शेष पात्र पेंशनधारियों के बैंक खातों में भुगतान कर दिया जाएगा।
खराब सौर जलापूर्ति योजनाओं की मरम्मत का मुद्दा भी उठा
बैठक में कुणाल षाड़ंगी ने चाकुलिया, घाटशिला, डुमरिया समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों में खराब पड़ी सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बंद पड़ी योजनाओं की जल्द मरम्मत जरूरी है। इसके साथ ही नई पेयजल योजनाओं की स्वीकृति और उनके क्रियान्वयन में भी तेजी लाई जानी चाहिए।
उपायुक्त राजीव रंजन ने पेयजल योजनाओं की स्थिति की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।



