गांव स्तर पर होगी जरूरतमंद बच्चों की पहचान, कमलपुर पंचायत में बाल संरक्षण समितियों को मिला प्रशिक्षण

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गांव स्तर पर होगी जरूरतमंद बच्चों की पहचान, कमलपुर पंचायत में बाल संरक्षण समितियों को मिला प्रशिक्षण

पटमदा, 25 जून : गांवों में रहने वाले असहाय, एकल अभिभावक, स्कूल छोड़ चुके तथा बाल श्रम जैसी परिस्थितियों से जूझ रहे बच्चों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की दिशा में कमलपुर पंचायत में महत्वपूर्ण पहल की गई। मिशन वात्सल्य योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ग्राम बाल संरक्षण समिति (वीएलसीपीसी) के अध्यक्षों एवं सचिवों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

जिला बाल संरक्षण इकाई, पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर बाल कल्याण संघ एवं मिरेकल फाउंडेशन इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रशिक्षण में कमलपुर पंचायत के सात गांवों की ग्राम बाल संरक्षण समितियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में पंचायत की मुखिया जमीनी बेसरा, ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी सेविकाएं एवं वार्ड सदस्य भी उपस्थित रहे।

प्रशिक्षक ओम प्रकाश तिवारी ने समिति के सदस्यों को बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों की पहचान, उनके संरक्षण तथा सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गांव स्तर पर एकल अभिभावक वाले बच्चों, अनाथ एवं असहाय बच्चों, बाल श्रमिकों, बाल विवाह के जोखिम वाले बच्चों, परित्यक्त तथा स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराना समिति की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

प्रशिक्षण के दौरान बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन, पात्र बच्चों को स्पॉन्सरशिप योजना का लाभ दिलाने तथा योग्य बच्चों का आवासीय विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही चाइल्ड ट्रैकिंग रजिस्टर को नियमित रूप से अद्यतन रखने, ग्राम बाल संरक्षण समिति की मासिक बैठक आयोजित करने तथा उसकी रिपोर्ट पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया से भी अवगत कराया गया।

मुखिया जमीनी बेसरा ने कहा कि ग्राम बाल संरक्षण समिति का गठन बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा और अधिकारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण संघ और मिरेकल फाउंडेशन इंडिया जैसे संगठनों के सहयोग से गांव स्तर पर जरूरतमंद एवं असुरक्षित बच्चों तक योजनाओं और संरक्षण सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि प्रशिक्षण प्राप्त समिति सदस्य अपने-अपने गांवों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए बच्चों के हित में बेहतर कार्य करेंगे तथा कमलपुर पंचायत बाल संरक्षण के क्षेत्र में एक उदाहरण बनकर उभरेगी।

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