चांडिल में नए बाईपास सड़क का लोकार्पण आज, लेकिन टाटा-रांची टोल रोड और चिलगु पुल पर सवाल बरकरार — संजय सेठ के प्रयासों पर मिली-जुली प्रतिक्रिया, जनता कर रही है समाधान की अपेक्षा

चांडिल, 27 जुलाई | रांची सांसद एवं केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ आज अपने संसदीय क्षेत्र के चांडिल में घोड़ानेगी से पितकी तक नव निर्मित बाईपास सड़क का लोकार्पण करेंगे। यह सड़क भविष्य में चांडिल से पश्चिम बंगाल के पुरुलिया तक विस्तारित होगी। फिलहाल निर्माण एजेंसी पर दबाव देकर घोड़ानेगी से पितकी तक पक्की सड़क मार्ग तैयार किया गया है, जिसपर अब से आमजनों का आवागमन प्रारंभ हो जाएगा।
इस सड़क के शुरू होते ही चांडिल बाजार में लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। वर्षों से चांडिल बाजार में जाम के कारण राहगीर, स्कूली छात्र, मरीज और स्थानीय दुकानदार परेशान थे। न केवल समय की बर्बादी होती थी, बल्कि व्यापार पर भी नकारात्मक असर पड़ता था।
जनता खुश, लेकिन सवाल भी कर रही है
इस सड़क के लोकार्पण से जहां क्षेत्र में उत्साह और खुशी का माहौल है, वहीं जनता के मन में कुछ अहम सवाल भी उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल टाटा-रांची टोल रोड की बदहाल स्थिति को लेकर है, जिस पर अब तक संजय सेठ की चुप्पी बनी हुई है।
यह सड़क लगभग 35 किलोमीटर तक चांडिल अनुमंडल क्षेत्र से गुजरती है, जो कि रांची संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आता है। बावजूद इसके, चांडिल के पाटा टोल प्लाजा पर नियमित टोल टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन सड़क की हालत जर्जर बनी हुई है। खासकर चांडिल गोलचक्कर से पाटा टोल तक की स्थिति इतनी खराब है कि वाहन चालकों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
फदलोगोड़ा काली मंदिर चौक से रांगामाटी तक की सड़क पूरी तरह उबड़-खाबड़ हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे और क्षतिग्रस्त मार्ग दुर्घटनाओं को निमंत्रण दे रहे हैं। क्षेत्रवासी बताते हैं कि न तो इन सड़कों की मरम्मत हो रही है और न ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में कोई चेतावनी चिन्ह लगाए गए हैं।
चिलगु पुल बना हादसों का कारण

एक और अहम मुद्दा है चिलगु पुल, जो अक्टूबर 2024 से बंद पड़ा है। तब से मार्ग को वनवे कर दिया गया है, जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। सांसद संजय सेठ ने स्वयं इस विषय में गंभीरता दिखाते हुए एनएचएआई अधिकारियों को नया पुल जल्द बनाने का निर्देश देने की बात कही थी, लेकिन छह महीने बीतने के बाद भी कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है।
क्या संजय सेठ के निर्देशों को नहीं ले रही गंभीरता से एनएचएआई?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री के निर्देशों को भी एनएचएआई अधिकारी गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, तो यह और भी चिंता का विषय है। लोगों को इस बात का भी दुख है कि आश्वासन मिलते हैं, लेकिन अमल नहीं होता।
आज भले ही चांडिल के लिए एक सुखद दिन है, जब नई बाईपास सड़क से राहत की शुरुआत होगी, लेकिन जनता की अपेक्षाएं और प्रश्न भी महत्वपूर्ण हैं। संजय सेठ को जहां जनता धन्यवाद दे रही है, वहीं टाटा-रांची टोल रोड, चिलगु पुल और अन्य जर्जर सड़कों पर समाधान की स्पष्टता और गंभीरता की भी उम्मीद कर रही है।
रिपोर्ट: ManbhumUpdates.com
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