सर्पदंश से दिव्यांग की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ — मुआवजा दिलाने का भरोसा

MANBHUM UPDATES
3 Min Read

सर्पदंश से दिव्यांग की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ — मुआवजा दिलाने का भरोसा

जमशेदपुर/पटमदा, 14 जुलाई : पटमदा थाना क्षेत्र के बिड़रा गांव में रविवार देर रात सर्पदंश की घटना में एक दिव्यांग व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान 39 वर्षीय सत्यजीत कालिंदी के रूप में हुई है, जो अपने परिवार का एकमात्र सहारा था।

जानकारी के अनुसार, रविवार की रात सत्यजीत कालिंदी अपने घर के फर्श पर सो रहा था, तभी एक विषैले चित्ती साँप ने उसे डंस लिया। भोर में करीब 4 बजे जब उसे विष के असर का अहसास हुआ, तो उसने अपनी पत्नी दुलाली कालिंदी को जानकारी दी। परिवार ने तत्काल उसे इलाज के लिए माचा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया, जहां उसे सुबह करीब 8 बजे भर्ती किया गया।

चिकित्सकों ने दो इंजेक्शन लगाए, लेकिन विष के अधिक असर की वजह से इलाज के दौरान सुबह करीब 9 बजे सत्यजीत ने दम तोड़ दिया। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेजा गया और शाम तक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया।

सत्यजीत के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटियां — ममता कालिंदी और लेली कालिंदी हैं। उसके निधन के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतक सत्यजीत कालिंदी दिव्यांग होने के कारण भिक्षाटन से अपने परिवार का भरण पोषण करता था।

इस दुखद घटना की सूचना पर झामुमो नेता बाबलू रूहिदास, तपन कुमार महतो, आदित्य कालिंदी सहित कई लोग अस्पताल पहुंचे। मृतक के भाई अजीत कालिंदी और अनिल कालिंदी भी वहां मौजूद रहे। झामुमो नेता बाबलू रूहिदास ने पीड़ित परिवार को आपदा प्रबंधन विभाग से 4 लाख रुपये मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।

उपमुखिया गोपाल गोराई ने बताया कि सत्यजीत दिव्यांग था और परिवार की आजीविका के लिए संघर्ष कर रहा था। उसकी मौत से पूरा परिवार असहाय हो गया है।

सावधानी ही सुरक्षा :

मानसून के मौसम में साँप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। कृपया ध्यान रखें – फर्श पर सोने से बचें, खासकर रात में। घर के आसपास झाड़ी या गंदगी जमा न होने दें। रात में टॉर्च लेकर चलें और हाथ-पाँव देखने के बाद ही बिस्तर पर जाएं। सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक न कर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र/अस्पताल ले जाएं।

 

मानभूम अपडेट्स की अपील : आपकी सतर्कता, आपके परिवार की सुरक्षा।

Share This Article