जमशेदपुर/चांडिल, 23 जून : हाल के दिनों में स्वयं को सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में स्थापित करने और विभिन्न मुद्दों को लेकर सक्रिय रहने वाले दिनकर कच्छप की गिरफ्तारी के बाद कई तथ्य सामने आए हैं। पुलिस अभिलेखों के अनुसार दिनकर कच्छप के विरुद्ध विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें दंगा, सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा अन्य गंभीर आरोपों से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
सोमवार रात बिष्टुपुर पुलिस ने दिनकर कच्छप को गिरफ्तार किया। हालांकि गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया के कुछ प्लेटफॉर्म और उसके समर्थकों द्वारा यह प्रचारित किया जाने लगा कि उसकी गिरफ्तारी चांडिल क्षेत्र में हाल के दिनों में उठाए गए किसी मुद्दे या आंदोलन से जुड़ी है। लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार यह दावा तथ्यों से परे है।
जानकारी के मुताबिक दिनकर कच्छप की गिरफ्तारी बिष्टुपुर थाना में पूर्व से दर्ज कांड संख्या 02/2025 और 09/2025 में हुई है, जिनमें वह वांछित आरोपी था। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। अंततः सोमवार रात उसे गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की गई।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2020 से 2025 के बीच दिनकर कच्छप के खिलाफ बिरसानगर, सीतारामडेरा, गोलमुरी, एमजीएम (मानगो मुफ्फसिल) और बिष्टुपुर थाना क्षेत्रों में कुल नौ मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें कई मामलों में वह जमानत पर है, जबकि बिष्टुपुर के दो मामलों में उसकी गिरफ्तारी हुई है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया और कुछ तथाकथित मीडिया मंचों पर दिनकर कच्छप को सामाजिक न्याय और जनहित के मुद्दों का प्रमुख चेहरा बताकर प्रस्तुत किया जा रहा था। लेकिन उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों की सूची सामने आने के बाद अब क्षेत्र में इस बात को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है कि सामाजिक कार्यकर्ता की छवि के साथ उसका आपराधिक रिकॉर्ड किस प्रकार मेल खाता है।
फिलहाल पुलिस का स्पष्ट कहना है कि दिनकर कच्छप की गिरफ्तारी किसी हालिया आंदोलन या चांडिल क्षेत्र से जुड़े विवादित प्रकरण में नहीं, बल्कि बिष्टुपुर थाना में पूर्व से दर्ज मामलों में की गई है। ऐसे में गिरफ्तारी को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कई दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।