कंप्यूटर शिक्षा, पोषण, स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के दिए निर्देश
कुकड़ू, 07 अक्टूबर : सरायकेला खरसावां जिले के कुकड़ू प्रखंड क्षेत्र के भ्रमण के दौरान उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने बुधवार को झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय, कुकड़ू और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, तिरुलडीह का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और उपलब्ध संसाधनों की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कक्षाओं, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास और रसोईघर का अवलोकन किया। उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर पढ़ाई और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी ली।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि निर्धारित रोस्टर के अनुसार छात्राओं को नियमित कंप्यूटर शिक्षा दी जाए। उन्होंने कंप्यूटर शिक्षा को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखने और छात्राओं को व्यावहारिक जानकारी देने पर जोर दिया। खराब पड़े स्मार्ट क्लास को जल्द शुरू कराने तथा आवश्यक उपकरण और सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
विद्यालय में साफ-सफाई और स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के साथ छात्राओं को रोस्टर के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। रसोईघर में स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए पढ़ाई के साथ खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और व्यवहारिक कौशल का विकास भी जरूरी है।
स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाओं की ली जानकारी
इसके बाद उपायुक्त ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिरुलडीह का निरीक्षण किया। उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं, मरीजों के लिए उपलब्ध संसाधनों और केंद्र की अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों को सुगम और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। चिकित्सा कक्ष, प्रतीक्षालय, शौचालय सहित पूरे परिसर में नियमित साफ-सफाई और बेहतर रखरखाव सुनिश्चित करने को कहा।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में लापरवाही और मरीजों को अनावश्यक परेशानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवश्यक दवाओं एवं संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी कमी को तत्काल दूर करने का निर्देश संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया।



