परंपरागत दसईं नाच के साथ चौका में किया गया देवी नवदुर्गा का आह्वान

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परंपरागत दसईं नाच के साथ चौका में किया गया देवी नवदुर्गा का आह्वान


चांडिल, 21 सितंबर : सरायकेला खरसावां जिले के चौका में सार्वजनिक श्रीश्री नवदुर्गा पूजा कमेटी की ओर से आयोजित शारदीय नवरात्र के पूर्व महालया के दिन परंपरागत दसईं नाच का आयोजन किया गया। दसई नाच के साथ ही शारदीय नवरात्रि पर मनाई जाने वाली दुर्गोत्सव के लिए मां दुर्गा का आह्वान किया गया। दसईं नाच देखने के लिए नवदुर्गा मंदिर में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। चौका में शुरूआत से ही महालया के दिन अदिवासी परंपरा के महत्वपूर्ण दसईं नाच का आयोजन किया जाता है। दसईं नाच के साथ ही देवी दुर्गा का आह्वान किया जाता है। चौका में शारदीय नवरात्रि पर देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की प्रतिमा स्थापित की जाती है।
मां शैलपुत्री का कलश स्थापना सोमवार को
शारदीय नवरात्रि को लेकर चौका में देवी के नौ रूपों की आकर्षक प्रतिमा स्थापित की गई है। मूर्तिकरों ने देवी की प्रतिमा निर्माण के लेिए कड़ी मेहनत कर उसे आकर्षक रूप दिया है। देवी के नौ रूपों की प्रतिमा के साथ यहां आकर्षक झांकी का भी निर्माण कराया गया है। नवरात्रि के पहले दिन सोमवार को देवी के हले स्वरूप मां शैलपुत्री की कलश यात्रा निकाली जाएगी। मंदिर में कलश स्थापना के बाद दुगोत्सव पर देवी का पूजन प्रारंभ होगा। यहां प्रतिदिन देवी की पूजा-अर्चना के साथ चंडीपाठ किया जाता है। नवरात्रि पर प्रतिदिन देवी के अलग-अलग रुपों की पूजा-अर्चना के लिए कलश यात्रा निकालकर कलश स्थापित किया जाता है। महासप्तमी के दिन सामूहिक कलश यात्रा निकाली जाती है।

रामकथा पर होगा प्रवचन


सार्वजनिक श्रीश्री नवदुर्गा पूजा कमिटी चौका मोड़ की ओर से आयोजित शारदीय नवरात्र के पहले दिन से रामकथा पर प्रवचन कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यहां प्रतिवर्ष धार्मिक अनुष्ठान के तहत प्रवचन का आयोजन किया जाता है। सात दिनों तक चलने वाले रामकथा पर पश्चिम बंगाल के बाघमुंडी के पंडित राजू हाजरा प्रवचन देंगे। यहां 29 सितंबर तक प्रतिदिन तीन बजे से रामकथा का आयोजन होगा। चौका में स्थापना वर्ष 2005 से ही प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है। यहां प्रवचन देने के लिए जगतगुरु शंकराचार्य बासुदेवानंद सरस्वती, महामंडलेश्र्वर उमाकांतानंद सरस्वती, सच्चितानंद ब्रम्हचारी समेत कोलकाता से त्रिभूवनपुरी, पारसनाथ त्रिपाठी, सुबल दास, स्वरुप गोस्वामी समेत कई विद्धान पंडित आ चुके हैं।

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