कुरमी और कुड़मी एक ही जाति, वोट बैंक के लिए समाज को न बरगलाएं नेता : ललित

तमाड़, 12 सितंबर : ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन आजसू के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष सह आदिवासी कुरमी महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष ललित कुमार महतो ने शुक्रवार को एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि कुरमी समाज के नेता बनने और वोट बैंक के चक्कर में समाज के लोगों को बरगलाने का काम ना करें। उन्होंने कहा कि कुरमी और कुड़मी एक ही जाति है। जो लोग कुरमाली भाषा संस्कृति को भूल चुके हैं और राड़ बंगला या उड़िया बंगला मिक्स भाषा बोलते हैं वे लोग कुरमी उच्चारण नहीं कर पाते हैं और कुरमी के बदले कुडमी बोलते हैं।
जो कुरमाली भाषा संस्कृति भूल चुके हैं वही लोग आज बोट बैंक और अपने को कुरमी नेता साबित करने के चलते कुरमी समाज/जाति के लोगों को दिग्भ्रमित कर रहे हैं। ललित कुमार महतो ने कुर्मी जाति – समाज आग्रह किया है कि ऐसे लोगों से सावधान रहें और ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार करें।
उन्होंने कुरमी समाज के लोगों को आग्रह करते हुए कहा कि कुरमी जाति झारखंड राज्य के सबसे बहुल जाति होने के बावजूद वर्तमान मे झारखंड में कुरमी समाज/जाति के लोग विकट परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं, चारों ओर से घिरे हुए हैं, चाहे राजनीतिक हो सामाजिक हो, आर्थिक हो या सम्मान / इज्जत बचाए रखने की हो, ऐसी विकट परिस्थिति में समाज के लोगों को एक जुट होकर सामाजिक धान मे मिश्रित भूंसा को साफ करने की जरूरत है।


