इस वर्ष 9 नहीं 10 दिनों का होगा शारदीय नवरात्रि, जाने कब होगा संधि पूजा और बलिदान

मानभूम अपडेट्स, डेस्क : इस वर्ष चतुर्थी तिथि में बढ़ोत्तरी होने के कारण शारदीय नवरात्र दस दिनों का होगा। शारदीय नवरात्र का शुभारंभ 22 सितंबर को प्रतिपदा के साथ होगा, तबकि दो अक्टूबर को विजया दशमी के दिन माता को विदाई दी जाएगी। चतुर्थी तिथि 25 व 26 सितंबर दो दिनों का होने के कारण देवी के भक्त इस वर्ष नवरात्र पर नौ नहीं दस दिनों तक देवी की आराधना करेंगे। दो दिन चतुर्थी तिथि का मान रहने के कारण भक्त देवी के चौथे स्वरूप मां कुष्मांडा का पूजन दोनों दिन करेंगे। शारदीय नवरात्र पर महाअष्टमी का व्रत 30 सितंबर को महानवमी एक अक्टूबर को मनाया जाएगा।
माता का हाथी पर आगमन परम सुखदायी
सार्वजनिक श्रीश्री नवदुर्गा पूजा कमेटी चौका के पुरोहित जयंत चटर्जी के अनुसार इस वर्ष माता का आगमन सोमवार के दिन हाथी पर हो रहा है, जो परम सुखदायी है। वहीं माता का प्रस्थान मनुष्क के कंधे पर हो रहा है। माता का आगमन और प्रस्थान दोनों ही योग शुभ फलदायक है। मान्यता के अनुसार माता का हाथी पर आगमन सुख-समृद्धि और शांति का प्रतिक है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष संधि पूजा 30 सितंबर मंगलवार को अपराह्न 1:21 से 2:09 बजे तक होगा, जबकि बलिदान अपराह्न 1:45 बजे होगा। इसके बाद महानवमी तिथि प्रारंभ होगा। नवमी का हवन बुधवार 01 अक्टूबर को 11:30 बजे से होगा।
आराधना करने से होता है शक्ति का संचार
पुरोहित जयंत चटर्जी ने बताया कि प्रतिपदा की शुरूआत 21 सितंबर की मध्यरात्रि 1:25 बजे से होगी जो 22 सितंबर की मध्यरात्रि 2:57 बजे तक रहेगी। चौका में देवी दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री का कलश स्थापना 22 सितंबर को सुबह 8:30 बजे की जाएगी और 9:30 बजे से पूजा प्रारंभ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि घट स्थापना के लिए अमृत मुहूर्त सुबह 6.19 से 7.49 बजे तक, शुभ मुहूर्त सुबह 9.14 से 10.49 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.55 से 12.43 बजे तक रहेगा। नवरात्र में माता की आराधना करने से इंसान के जीवन में सकारात्मकता के साथ शक्ति का संचार होता है।



