ग्राम सभा आयोजित कर ग्रामीणों ने नर्सिंग इस्पात कंपनी विस्तार का किया विरोध

चांडिल, 28 अगस्त : चौका-कांड्रा सड़क पर चांडिल प्रखंड के खूंटी में स्थित नर्सिंग इस्पात कंपनी के विस्तार को लेकर विस्थापित व प्रभावित गांवों के ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। कई वर्षों से सरकारी मजदूरी दर से कम राशि मिलने, खेती में नुकसान और विनाशकारी प्रदूषण की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी नियम कानूनों को ताक पर उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है और अब प्लांट का विस्तार करने पर आमादा है। इस मसमले को लेकर गुरुवार काे खूंटी गांव के हरिमंदिर प्रांगण में ग्राम सभा की बैठक हुई। बैठक की सूचना ग्रामीणों ने एक दिन पहले पारंपरिक तरीकों से ढोल बजाकर आस-पास के गांवों के ग्रामीणों को भी दी थी। ग्राम सभा में ग्रामीणों ने कहा कि “हम शुक्रवार को होने वाली जनसुनवाई का पुरजोर विरोध करते हैं। कंपनी क्षेत्र के बाहर रहकर कंपनी के विस्तार को लेकर किए जाने वाले जनसुनवाई का विरोध किया जाएगा।
क्षेत्र के विकास में रूचि नहीं दिखाती कंपनी प्रबंधन
ग्राम सभा में जिला परिषद सदस्य सविता मार्डी ने कहा कि कंपनी क्षेत्र के विकास के लिए किसी प्रकार का रूचि नहीं दिखाती है। क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, खेल समेत अन्य मामलों को लेकर कंपनी क्षेत्र में काम नहीं किया है। वहीं दूसरी ओर कंपनी ग्रामीण किसानों का हक मारने का काम कर रही है। कृषि कार्य के लिए पालना डैम के केनाल में छोड़े जाने वाले पानी तक की भी चोरी करती है। महिला समिति को किसी प्रकार का लाभ ना देकर समिति का नाम बगैर इजाजत के इस्तेमाल करने का काम कंपनी प्रबंधन कर रही है। मौके पर मुखिया सुखराम मांझी ने चेतावनी देते हुए कहा कि बाप-दादाओं की जमीन को हम ऐसे ही लूटने नहीं देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जबतक ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, वे कंपनी के विस्तार का डटकर विरोध करेंगे।
महिला समितियों को दिया जा रहा प्रलोभन
ग्रामीणों का आरोप है कि विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर ग्रामीणों को कंपनी गेट से भगाया गया और मारपीट तक की गई। इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन अब महिला समितियों को प्रलोभन देकर जनसुनवाई में शामिल करने की कोशिश कर रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि कंपनी प्रबंधन क्षेत्र के लोगों के लिए तो क्या, अपनी कंपनी के मजदूरों के आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस तक की सुविधा नहीं दी है। मौके पर उपस्थित झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय उपाध्यक्ष तरुण महतो ने कहा कि ग्रामीणों के हक पर डाका डाला जा रहा है। कंपनी प्रबंधन पनला डैम का पानी चोरी-छिपे अपने काम में इस्तेमाल कर रही है, जो ग्रामीणों के लिए उपलब्ध होना चाहिए। संगठन इस शोषण का पुरजोर विरोध करेगी।



