प्रेस भवन सरायकेला में तिरंगा फहराया, जनसूचना पदाधिकारी ने प्रेस की आजादी को बताया आजादी का मूल स्वरूप

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प्रेस भवन सरायकेला में तिरंगा फहराया, जनसूचना पदाधिकारी ने प्रेस की आजादी को बताया आजादी का मूल स्वरूप

सरायकेला, 15 अगस्त : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरायकेला स्थित प्रेस भवन परिसर में शुक्रवार को बड़े ही हर्षोल्लास के साथ तिरंगा फहराया गया। जिला जनसूचना पदाधिकारी अविनाश कुमार ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर सलामी दी।

इस मौके पर प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला-खरसावां के अध्यक्ष मनमोहन सिंह राजपूत, संरक्षक संतोष कुमार, महासचिव प्रमोद कुमार सिंह, बिजय साव, विपिन वार्ष्णेय, वरिष्ठ पत्रकार के. दुर्गा राव, सुमित सिंह, राहुल, आशीष, दयाल लायक,  जनसूचना विभाग के सहायक पदाधिकारी नंदन उपाध्याय समेत कई पत्रकार मौजूद थे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनसूचना पदाधिकारी अविनाश कुमार ने कहा कि भारत की आजादी केवल देशवासियों की राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं, बल्कि प्रेस की आजादी का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा, “अंग्रेजी शासनकाल में पत्रकारों को न लिखने की स्वतंत्रता थी और न ही खुलकर बोलने की। आजादी के बाद देश लोकतांत्रिक गणराज्य बना और प्रेस को अभिव्यक्ति की खुली छूट मिली, जो किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।”

लाखों वीर-वीरांगनाओं के बलिदान, संघर्ष और त्याग से भारतीयों के साथ प्रेस को भी मिली आजादी : मनमोहन सिंह राजपूत

प्रेस क्लब ऑफ सरायकेला-खरसावां के अध्यक्ष मनमोहन सिंह राजपूत ने कहा कि आजादी का पर्व पूरे देश में मनाया जा रहा है, लेकिन सबसे ज्यादा जश्न हम पत्रकार मना रहे हैं।

उन्होंने कहा कि लाखों क्रांतिकारियों ने अपने प्राणों की आहुति दी, संघर्ष किया और बलिदान दिया, जिसके परिणामस्वरूप हमें आजादी मिली। इसी आजादी के कारण प्रेस को स्वतंत्रता प्राप्त हुई और आज हम सभी स्वतंत्र पत्रकारिता कर पा रहे हैं। अध्यक्ष ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व की बात है कि हम उस स्वतंत्रता का हिस्सा हैं, जो वीर-वीरांगनाओं के त्याग और संघर्ष से मिली है।

कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों ने भी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और स्वतंत्र व निष्पक्ष पत्रकारिता के संकल्प को दोहराया।

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