ससुराल में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर शोक सभा आयोजित, दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
दिवंगत शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोग
चांडिल, 11 अगस्त : सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत चांडिल के धाधकीडीह स्थित राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री दिशोम गुरु शिबू सोरेन के ससुराल में उनके निधन के बाद सोमवार को शोकसभा आयोजित की गई। शोकसभा में उपस्थित लोगों ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दिया। शोकसभा का नेतृत्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मामा सह दिशोम गुरु दिवंगत गुरु सोरेन के साला गुरुचरण किस्कू ने किया। शोकसभा में पार्टी के कार्यकर्ता, स्थानीय नेता, सामाजिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में गणमान्य शामिल हुए और दिशोम गुरु के योगदान को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मौके पर पर गुरुचरण किस्कू ने कहा कि शिबू सोरेन झारखंड का आत्मा थे। छोटे से गांव नेमरा से महाजनी सुदखोरी के खिलाफ आवाज बुलंद किया। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़ के नहीं देखा। उन्होंने न केवल राज्य के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई, बल्कि आदिवासी, दलित, पिछड़े और शोषित समाज की आवाज को बुलंद किया। उनका जाना पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है, जिसे कोई पूरा नहीं कर सकता।
सभा में चारूचांद किस्कू ने शिबू सोरेन के संघर्षों, विचारधारा और समाज के प्रति उनकी निष्ठा को याद किया। उपस्थित कार्यकर्ता ने उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प भी लिया। शोक सभा में गुरूजी की भव्य प्रतिमा धातकीडीह चौक मे लगाने की बात कही गई ताकि उनकी याद को तरोताजा और संजोये रखा जा सके।