वन विभाग और असामाजिक तत्वों पर अतिक्रमण का आरोप, काठजोड़ में भुमिज-मुण्डा समाज ने की आपात बैठक

चांडिल, 02 अगस्त : चांडिल प्रखंड के ग्राम काठजोड़ ग्वालापाड़ा स्थित मड़प में आज आदिवासी भुमिज-मुण्डा समाज के सांवतिया गोत्र (हाड़शाली/शासन) द्वारा एक महत्वपूर्ण सामाजिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आरोप लगाया गया कि वन विभाग और कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उनके परंपरागत शाशनदिरी स्थल पर अतिक्रमण किया गया है।
बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और वन विभाग पर भी मुकदमा दायर किया जाएगा। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह अतिक्रमण उनके परंपरागत रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक विरासत पर सीधा हमला है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
साथ ही यह भी तय किया गया कि अतिक्रमण से प्रभावित शाशनदिरी स्थल का शुद्धिकरण समाज की पारंपरिक विधियों के अनुसार किया जाएगा, जिसमें झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल और उड़ीसा से भी समाज के लोग शामिल होंगे।
इस मौके पर प्रमुख रूप से ग्राम प्रधान आनंद सिंह, जिला परिषद सदस्य असीत सिंह पातर, पूर्व मुखिया नरसिंह सरदार, मंगल सिंह सरदार, रविन्द्र सरदार, राधेश्याम सिंह सरदार, भानू सिंह, मानिक सरदार, राधाकृष्ण सिंह मुंडा, अमर सरदार, भक्त रंजन भुमिज, दिवाकर सरदार, बुद्धेश्वर सिंह मुण्डा, समर सिंह समेत चांडिल, नीमडीह, पटमदा, तमाड़, जमशेदपुर व सीनी क्षेत्र के सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक में आदिवासी भुमिज मुण्डा युवा संगठन चांडिल अनुमंडल, आदिवासी भुमिज मुण्डा चुआड़ सेना झारखंड प्रदेश, तथा आदिवासी भुमिज मुण्डा युवा एकता मंच झारखंड दिशुम के सदस्य भी शामिल हुए।
समाज की ओर से स्पष्ट किया गया कि परंपरागत अधिकारों की रक्षा के लिए वे हरसंभव संघर्ष करेंगे।



