जेपीएससी की परीक्षा में सफल होकर निशा और संजय ने बढ़ाया अनुमंडल क्षेत्र का सम्मान

चांडिल, 26 जुलाई : झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा घोषित 11-13 वीं संयुक्त सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा में चांडिल अनुमंडल क्षेत्र से दो अभ्यर्थियों ने सफल हो कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। चांडिल थाना अंतर्गत छोटालाखा निवासी निशा गोप और नीमडीह प्रखंड अंतर्गत जामडीह टोला रेरेंगटांड़ निवासी संजय सिंह सरदार ने झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में सफलता प्राप्त किया है। निशा गोप और संजय सिंह सरदार का यह सफलता क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के क्षेत्र में ऊर्जा का काम करेगा। उनकी तरह बनकर अपने और अपने क्षेत्र का नाम रौशन करने के लिए प्रेरणा का काम करेगा। दोनों के साथ कुल 342 अभ्यर्थियों ने इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की है। झारखंड लोक सेवा आयोग की फाइनल परीक्षा में धनबाद के आशीष अक्षत टॉपर बने हैं।
निशा गोप ने 186वीं रैंक के साथ सफलता पाते हुए जिला प्रोबेशन पदाधिकारी पर चयनित होने का गौरव प्राप्त किया है। यह सफलता उन्हें जेपीएससी सिविल सेवा के दूसरे प्रयास में प्राप्त हुई है। उन्होंने घर पर रहकर ही स्वध्ययन से अपनी तैयारी की। इस सफलता श्रेय वह अपने परिजनों, विशेषकर पिता नारायण गोप, माता हिरणमयी गोप, पति गुणाधार दास और अपने शिक्षकों को देना चाहती हैं। निशा नें दसवीं तक की पढ़ाई दयावती मोदी पब्लिक स्कूल से, 12वीं चिनम्या विद्यालय, टेल्को और ग्रेजुेएशन जेवियर कॉलेज रांची से की ही। बचपन से ही वह पढ़ाई में अव्वल रही हैं, और सिविल सेवा के माध्यम से देश सेवा उनका लक्ष्य रहा है। निशा की सफलता से परिजनों, उनसे संबंधित शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों और मित्रों में काफी उत्साह है।
संजय सिंह सरदार ने 320 रैंक हासिल किया है, जिन्हें वित्त विभाग मिला है। संजय सिंह सरदार ग्रामीण परिवेश में पढ़ाई कर बगैर किसी बड़े कोचिंग सेंटर और कुशल शिक्षकों का मार्गदर्शन के झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास किया। उनकी प्राथमिक शिक्षा जामडीह स्कूल में हुई। उन्होंने माध्यमिक पढ़ाई के लिए हुए पंचायत मुख्यालय तिल्ला और रघुनाथपुर में और आईएससी और बीएससी मैथ ऑनर्स की पढ़ाई सिंहभूम कॉलेज चांडिल में की। इसके बाद संजय सिंह सरदार ने b.ed की पढ़ाई टाटा कॉलेज चाईबासा से पूरी की। उन्होंने 2016 में रेलवे के ग्रुप डी की नौकरी की। नौकरी के दौरान अपना पढ़ाई जारी रखा और 2019 में प्राथमिक शिक्षक के रूप में चयनित हुए। शिक्षक का कार्य करते हुए उन्होंने अपनी पढ़ाई आगे जारी रखी और सबसे पहले 2021 में झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शामिल हुए। उस वर्ष दो अंक के कारण उनका चयन नहीं हो सका। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और पढ़ाई जारी रखा इसके बाद 2024 की झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा में व सफल रहे।



