जिला समन्वय समिति सह जिला टास्क फोर्स की बैठक में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के सफल क्रियान्वयन पर चर्चा

सरायकेला, 25 जुलाई : उपायुक्त नितीश कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के प्रभावी संचालन हेतु जिला समन्वय समिति सह जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में फाइलेरिया की वर्तमान स्थिति, आगामी अभियान की कार्ययोजना, संभावित चुनौतियां एवं जनजागरूकता से जुड़ी रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान जिला वीबीडी सलाहकार तनुस्मिता नायक द्वारा पीपीटी के माध्यम से जिले में फाइलेरिया की स्थिति एवं पूर्ववर्ती प्रयासों की जानकारी दी गई। उपायुक्त ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन एक सामूहिक उत्तरदायित्व है, जिसमें सभी विभागों के परस्पर समन्वय, सुनियोजित रणनीति और जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि अभियान से पूर्व सभी दवा प्रशासकों को समुचित प्रशिक्षण प्रदान किया जाए तथा सभी आवश्यक संसाधनों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। रिफ्यूजल क्षेत्रों में विशेष जनजागरूकता अभियान चलाकर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं एवं स्थानीय प्रशासन के सहयोग से लोगों को अभियान के प्रति जागरूक किया जाए और दवा प्रशासकों की निगरानी में शत-प्रतिशत दवा सेवन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में डीआरसीएचओ सह डीवीबीडीओ डॉ. भागन हेम्ब्रम द्वारा बताया गया कि जिले में 3504 प्रशिक्षित दवा प्रशासकों के माध्यम से लगभग 11,81,856 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा दी जाएगी। इसके लिए 1752 बूथों की स्थापना की गई है और साथ ही घर-घर जाकर दवा वितरण की व्यवस्था की गई है। यह सर्वजन दवा सेवन अभियान 10 से 25 अगस्त तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जिले के 69 उच्च जोखिम वाले गांवों के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की गई है, जहां 100 प्रतिशत लक्षित आबादी को दवा सेवन कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत 10 अगस्त को सभी बूथों पर दवा खिलाई जाएगी तथा 11 से 25 अगस्त तक घर-घर जाकर पात्र व्यक्तियों को दवा प्रशासकों द्वारा दवा दी जाएगी। बैठक में निदेशक, डीआरडीए डॉ. अजय तिर्की, सिविल सर्जन डॉ. सीपी सिंह, संबंधित विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।



