तीन हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है दलमा बाबा, लाया करते पूजा

डेस्क, 14 जुलाई : सावन माह के दौश्रान सभी शिवालय शिवभक्तों से गुलजार रहते हैं। हर दिन मंदिरों में भक्तों की भीड़ अपने आराध्यऐव के दर्शन-पूजन के लिए लगी रहती है। दलमा पहाड़ पर स्थित प्राचीनकालीन गुफा शिव मंदिर में सावन माह के दौरान दूर-दराज से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। 193 वर्ग किलोमीटर में फैले दलमा पहाड़ में करीब तीन हजार फीट की ऊंचाई पर गुफा में शिवलिंग हैं। यहां भगवान शिव का प्राकृतिक गुफा मंदिर है, जिन्हें श्रद्धा से लोग दलमा बाबा भी कहते हैं। यह प्राचीनकालीन शिव मंदिर है, जहां क्षेत्र के परंपरागत लाया पूजा-अर्चना करते हैं। सावन में यहां झारखंड के कोने-कोने के अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार समेत अन्य स्थानों से श्रद्धालु अपने आराध्यदेव के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं।

मंदिर को लेकर है कई मान्यताएं
दलमा शिवलिंग के बारे में क्षेत्र में कई दंतकथाएं प्रचलित हैं। प्रचलित कथा के अनुसार यहां शिव मंदिर के साथ देवी दुर्गा का भी मंदिर था। माता के मंदिर से शिवलिंग तक गुफा हुआ करती थी. एक बार पूजा-अर्चना के बाद लाया (पुजारी) गुफा से बाहर निकले, लेकिन अपना हथियार गुफा के अंदर ही भूल गएथे। पुजारी ने हथियार लाने के लिए अपनी बेटी को भेजा, लेकिन उनकी बेटी वापस नहीं लौटी। इसके बाद माता मंदिर से शिवलिंग तक जाने वाली गुफा बंद भी हो गई। परंपरा के अनुसार लाया अब भी दलमा बाबा की पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। सावन माह में मंदिर को भव्य तरीके से सजा कर पूजा-अर्चना की जाती है। दलमा बाबा को जमशेदपुर शहर का संरक्षक देवता भी माना जाता है।
सुबह से लगी भक्तों की भीड़
दलमा स्थत प्राचीनकालीन गुफा मंदिर में सोमवार को सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी है। सावन की पहली सोमवारी होने के कारण सुबह से ही दूर-दराज से शिव भक्त अपने आराध्यदेव के दर्शन-पूजन करने पहुंच रहे हैं। सोमवारी को यहां भक्तों के बीच हलुवा का भी वितरण किया जाता है। लगातार और तेज बारिश होने के कारण दलमा पहाड़ की कच्ची सड़के दबहाल हो गई हैं। ऐसे में शिव भक्तों को सावधानी के साथ पहाड़ पर जाने की जरूरत है। प्राकृति की अनुपम सुंदरता के बीच दलमा की चोटी पर स्थित गुफा बाबा की महिला अपरंपार है। कहा जाता है कि सच्चे मन से मांगी गई भक्तों की मनोकामनाएं बाबा पूरी करते हैं।



