NH-33 के होटल-ढाबों पर खाद्य सुरक्षा विभाग की नजर, मसालों से लेकर पेयजल तक की होगी जांच

MANBHUM UPDATES
3 Min Read

 

चांडिल में खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण, संचालकों को फूड हैंडलर्स का मेडिकल टेस्ट कराने और नियमित पेस्ट कंट्रोल का निर्देश

 

चांडिल, 30 अक्टूबर : टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर संचालित होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी विशाल कुमार सिंह के नेतृत्व में चांडिल क्षेत्र के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया गया। इस दौरान रसोईघर की साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के रखरखाव, भोजन तैयार करने की प्रक्रिया और पेयजल की गुणवत्ता को लेकर संचालकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने होटल और ढाबा संचालकों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन करने की हिदायत दी। विशेष रूप से भोजन तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले मसालों की गुणवत्ता और उनके स्रोत पर ध्यान देने को कहा गया। निर्देश दिया गया कि केवल वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण वाले स्रोतों से प्राप्त उचित लेबलयुक्त एवं पैक्ड मसालों का ही इस्तेमाल किया जाए। खुले, बिना लेबल वाले अथवा अज्ञात स्रोतों से खरीदे गए मसालों के उपयोग से बचने को कहा गया।

विभाग ने खाद्य प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों की सेहत और व्यक्तिगत स्वच्छता को भी प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। सभी संचालकों को फूड हैंडलर्स का नियमानुसार मेडिकल परीक्षण कराने, कर्मचारियों के साफ कपड़े पहनने तथा हाथों और नाखूनों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

इसके अलावा होटल और ढाबों में इस्तेमाल होने वाले पेयजल की प्रयोगशाला से गुणवत्ता जांच कराने, नियमित रूप से पेस्ट कंट्रोल करवाने तथा रसोईघर और खाद्य पदार्थों के भंडारण स्थलों को स्वच्छ रखने का निर्देश दिया गया। खाद्य सुरक्षा से संबंधित निर्धारित प्रावधानों के तहत प्रतिष्ठानों में फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड (FSDB) लगाने की भी हिदायत दी गई।

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी विशाल कुमार सिंह ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी खाद्य कारोबारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि NH-33 टाटा-रांची मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और भारी वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क किनारे संचालित होटल और ढाबों में भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता का सीधा संबंध यात्रियों के स्वास्थ्य से है। विभागीय निरीक्षण का उद्देश्य खाद्य प्रतिष्ठानों को स्वच्छता के प्रति जवाबदेह बनाने के साथ आम नागरिकों और यात्रियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।

Share This Article