
बहदा गांव के पास कोयना नदी किनारे पगडंडी मार्ग पर छिपाए गए थे विस्फोटक, सीआरपीएफ और जिला पुलिस के संयुक्त अभियान में मिली सफलता
चाईबासा, 30 अक्टूबर : पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों ने माओवादियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। छोटानागरा थाना क्षेत्र के बहदा गांव के पास कोयना नदी के समीप पगडंडी मार्ग पर जमीन के भीतर छिपाकर रखे गए दो शक्तिशाली लैंडमाइन बरामद किए गए। सुरक्षाबलों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए दोनों विस्फोटकों को मौके पर ही नियंत्रित विस्फोट के जरिए नष्ट कर दिया।
जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर को सीआरपीएफ की 193वीं बटालियन, छोटानागरा थाना प्रभारी गौतम कुमार और जिला पुलिस के जवानों ने संयुक्त रूप से एंटी नक्सल सर्च अभियान चलाया था। इसी दौरान सुरक्षाबलों को पगडंडी मार्ग पर जमीन के भीतर छिपाए गए दो लैंडमाइन मिले। आशंका जताई गई कि प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन के सदस्यों ने पुलिस और सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के उद्देश्य से इन्हें प्लांट किया था।
पुलिस अधीक्षक अमित रेणु ने बताया कि सुरक्षाबलों ने सतर्कता बरतते हुए दोनों आईईडी बरामद किए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच उन्हें नियंत्रित विस्फोट कर नष्ट कर दिया।
गौरतलब है कि सारंडा जंगल में नक्सली गतिविधियों पर लगातार अंकुश लगाने के लिए सुरक्षाबलों द्वारा अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, जंगलों में पहले से छिपाकर रखे गए विस्फोटक अब भी सुरक्षा बलों के साथ-साथ ग्रामीणों और वन्यजीवों के लिए खतरा बने हुए हैं। जंगल के रास्तों, पगडंडियों और नदी किनारे ऐसे विस्फोटकों की मौजूदगी की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान जारी है।