कोल्हान आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक, भीड़ प्रबंधन से लेकर अग्नि सुरक्षा तक की तैयारियों की समीक्षा
जमशेदपुर, 15 अक्टूबर : दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शहर में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूर्वी सिंहभूम जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। गुरुवार को समाहरणालय में कोल्हान प्रमंडलीय आयुक्त रवि रंजन कुमार विक्रम की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें पूजा पंडालों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, अग्निशमन व्यवस्था और प्रतिमा विसर्जन घाटों पर सुरक्षा इंतजामों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त राजीव रंजन, वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारीब समेत जिले के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे। आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।
पूजा पंडालों से संवेदनशील इलाकों तक रहेगी निगरानी
प्रमंडलीय आयुक्त ने प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी व्यवस्था प्रभावी बनाए रखने तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक खबरों, अफवाहों और भड़काऊ संदेशों पर भी विशेष नजर रखने को कहा गया। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट सूचना या वीडियो को बिना सत्यापन के साझा न करें।
अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकास पर जोर
पूजा समितियों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। पंडालों में विद्युत तारों, अस्थायी बिजली कनेक्शनों, जनरेटर और प्रकाश व्यवस्था की जांच के साथ अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
पंडालों में प्रवेश और निकास मार्ग सुगम रखने, आपातकालीन निकास की व्यवस्था करने तथा अग्निशमन और एंबुलेंस जैसे वाहनों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध रखने पर भी जोर दिया गया। महिला श्रद्धालुओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुरक्षा एवं सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक इंतजाम करने का निर्देश दिया गया।
यातायात व्यवस्था और विसर्जन घाटों पर विशेष तैयारी
दुर्गापूजा के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रमुख सड़कों, पूजा पंडालों और बाजार क्षेत्रों में यातायात प्रबंधन दुरुस्त रखने को कहा गया। जरूरत के अनुसार मार्ग परिवर्तन, नो-एंट्री व्यवस्था, वैकल्पिक रास्तों और पार्किंग स्थलों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का निर्देश दिया गया।
प्रतिमा विसर्जन के दौरान घाटों पर पर्याप्त रोशनी, बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। गहरे पानी वाले क्षेत्रों की पहचान कर लोगों को वहां जाने से रोकने तथा जरूरत के अनुसार गोताखोरों, बचाव दल, नावों और अन्य आपातकालीन संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके अलावा आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता, अग्निशमन विभाग की तत्परता, पेयजल और अन्य नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई।
बैठक में स्पष्ट किया गया कि दुर्गापूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, जनसुविधाओं की उपलब्धता और सामाजिक सौहार्द बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियों का समय पर निर्वहन करते हुए समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया गया, ताकि पूजा और प्रतिमा विसर्जन शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके।



