विस्थापन, प्रदूषण और हाथी आतंक पर भाजपा ने खोला मोर्चा, राज्यपाल को सौंपा सात सूत्री मांग पत्र

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ईचागढ़ की जमीनी समस्याओं को लेकर भाजपा जिला मंत्री रूपेश वर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात, चांडिल डैम विस्थापितों से लेकर स्वास्थ्य व्यवस्था तक उठाए मुद्दे

चांडिल, 15 सितंबर : ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर भाजपा जिला मंत्री रूपेश वर्मा उर्फ पप्पू वर्मा के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ताओं और आदिवासी समाज के लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने रांची में राज्यपाल से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं से संबंधित सात सूत्री मांग पत्र सौंपते हुए सरकार और प्रशासन से ठोस पहल की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से चांडिल बहुउद्देशीय परियोजना के विस्थापितों की समस्याओं, चौका क्षेत्र में औद्योगिक प्रदूषण, बढ़ते मानव-हाथी संघर्ष और स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि चांडिल डैम परियोजना से विस्थापित लोगों के पुनर्वास और मुआवजे से जुड़े कई मामले अब भी लंबित हैं। लोगों को विस्थापन नीति के तहत कार्ड और मुआवजा राशि का पूर्ण भुगतान नहीं होने का भी दावा किया गया।

मांग पत्र में स्वर्णरेखा परियोजना के विस्थापितों को पूर्ण मुआवजा, जमीन का पर्चा और नौकरी देने की मांग की गई है। साथ ही पुनर्वास कॉलोनियों में सड़क, पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

आदिवासी भूमिज-मुंडा समाज से जुड़े प्रतिनिधियों ने चांडिल डैम में डूबे शासनदिरी, हइशाली और मेगालिथ स्थलों के संरक्षण और पुनर्वास की मांग भी रखी। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इन स्थलों का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व है, इसलिए इनके संरक्षण के लिए ठोस पहल जरूरी है।

वहीं, ईचागढ़ क्षेत्र में बढ़ते हाथी आतंक को लेकर भी चिंता जताई गई। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार हाथियों के गांवों में प्रवेश करने से किसानों की फसल को नुकसान हो रहा है और मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति गंभीर होती जा रही है। वन विभाग से प्रभावित इलाकों में जान-माल की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की गई।

चौका क्षेत्र में स्पंज आयरन कंपनियों से होने वाले प्रदूषण का मुद्दा उठाते हुए प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की गई। इसके अलावा ईचागढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार, डॉक्टर, नर्स और एंबुलेंस की कमी दूर करने तथा निर्माण पूरा हो चुके चांडिल के 50 बेड के अनुमंडल अस्पताल को जल्द शुरू कराने की मांग की गई।

प्रतिनिधिमंडल में भाजपा कार्यकर्ता खुदीराम सिंह सरदार, कालीपद गोप, रामकृष्ण महतो, अनिल सिंह, रविंदर सिंह सरदार, आदिवासी नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता बाबूलाल सोरेन सहित आदिवासी समुदाय के अन्य लोग मौजूद थे।

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