होटल 10TH MILE STONE गोलीकांड : आसनबनी में जमीन कारोबार और दलालों पर अंकुश लगाना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
चांडिल, 25 अगस्त : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत टाटा-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग पर आसनबनी स्थित होटल 10TH MILE STONE में सोमवार दोपहर हुई गोलीकांड की घटना के बाद क्षेत्र में सक्रिय जमीन कारोबार और जमीन विवादों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों के बीच घटना को जमीन कारोबार से जोड़कर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, हालांकि पुलिस जांच पूरी होने तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
आसनबनी पंचायत में जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर लंबे समय से विवाद सामने आते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में जमीन कारोबार से जुड़े कुछ लोगों की सक्रियता के कारण विवाद की स्थिति बनती रहती है। कई मामलों में जमीन के स्वामित्व, कब्जे और खरीद-बिक्री को लेकर विवाद थाना और प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंच चुके हैं।
होटल के बगल में जांताल पूजा स्थल और जमीन का पुराना विवाद
जिस होटल में गोलीकांड की घटना हुई, उसके ठीक बगल में स्थित जांताल पूजा स्थल और होटल से सटे भूखंड को लेकर करीब तीन दशक से विवाद चला आ रहा है। पिछले दिनों भी उक्त जमीन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। हालांकि पुलिस – प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद तत्काल मामला शांत हो गया था। लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं।
कथित जमीन दलालों की भूमिका की जांच की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को क्षेत्र में सक्रिय कथित जमीन दलालों की भूमिका और उनके माध्यम से होने वाले जमीन कारोबार की गहन जांच करनी चाहिए। लोगों का आरोप है कि सीएनटी, सरकारी और अन्य विवादित जमीनों की खरीद-बिक्री अथवा कब्जे के मामलों में बिचौलियों की भूमिका सामने आती रही है।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में प्रशासन के स्तर से रिकॉर्ड की जांच, जमीन के दस्तावेजों का सत्यापन और संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर सकती है।
कई बार सामने आ चुके हैं खूनी संघर्ष
आसनबनी और आसपास के इलाकों में जमीन विवाद को लेकर पूर्व में भी मारपीट और हिंसक घटनाएं सामने आती रही हैं। कई मामलों में विवाद थाना और प्रशासनिक कार्यालय तक पहुंचा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन से जुड़े विवादों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से तनाव बढ़ता है।
गोलीकांड के बाद अब स्थानीय लोगों की नजर पुलिस जांच के साथ-साथ प्रशासन की कार्रवाई पर भी है। यदि जमीन विवाद को लेकर कोई आपराधिक या अवैध गतिविधि सामने आती है, तो उसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।



