स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर होगा वेतन भुगतान

MANBHUM UPDATES
3 Min Read

स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर होगा वेतन भुगतान

सरायकेला, 24 अगस्त : जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर एवं आमजनों के लिए सुलभ बनाने को लेकर उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने सोमवार को समाहरणालय सभागार में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति, दवा और उपकरणों की उपलब्धता, आधारभूत सुविधाओं तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मी निर्धारित रोस्टर के अनुसार समय पर स्वास्थ्य केंद्रों में उपस्थित रहें और नियमित रूप से बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन का भुगतान बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य केंद्रों को उपलब्ध मुख्यमंत्री स्वास्थ्य रख-रखाव मद की राशि का आवश्यकता आधारित उपयोग करने का निर्देश दिया। केंद्रों में दवा, उपकरण, स्वच्छता, रंग-रोगन, मरीजों के लिए बेड, कुर्सी-बेंच, लाइट, पंखा और स्पष्ट साइनेज जैसी सुविधाएं दुरुस्त रखने को कहा गया। साथ ही अनावश्यक खरीदारी और सामग्री की डुप्लीकेसी रोकने के निर्देश दिए।

बैठक में दवाओं के स्टॉक की नियमित जांच एवं भौतिक सत्यापन पर भी जोर दिया गया। एक्सपायरी के करीब पहुंच रही दवाओं को आवश्यकता वाले अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में नियमानुसार स्थानांतरित करने तथा एक्सपायर्ड दवाओं का सुरक्षित विनष्टीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।

आयुष्मान योजना के लंबित क्लेम का समयबद्ध निष्पादन, टेलीमेडिसिन सेवाओं को प्रभावी बनाने तथा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। संस्थागत प्रसव, गर्भवती महिलाओं की जांच, मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं प्रसव पूर्व-पश्चात देखभाल को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

मलेरिया नियंत्रण को लेकर संवेदनशील एवं पीवीटीजी बहुल क्षेत्रों में नियमित मास सर्वे, मरीजों की जांच एवं उपचार तथा मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। वहीं टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत गम्हरिया, कुचाई, चांडिल और खरसावां के प्रभावित गांवों में विशेष शिविर लगाकर जांच और सैंपल संग्रह बढ़ाने का निर्देश दिया गया।

उपायुक्त ने सिकल सेल एनीमिया, थैलेसीमिया और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांचों को नियमित रूप से संचालित करने तथा चिन्हित मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने को कहा। कुपोषित बच्चों के उपचार की समीक्षा करते हुए एमटीसी केंद्रों में बेड ऑक्युपेंसी बढ़ाने तथा जरूरतमंद बच्चों को भर्ती कर समुचित उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा, सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पी.एम. बारा, सभी एमओआईसी, डीपीएमयू, बीपीएमयू एवं संबंधित चिकित्सा पदाधिकारी मौजूद रहे।

Share This Article