कुणाल षाड़ंगी ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से की मुलाकात, 25 से बढ़ाकर 50 सीट करने का प्रस्ताव
जमशेदपुर, 13 अगस्त : झारखंड के विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ाने की दिशा में मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में राज्य कोटे की मेडिकल सीटें दोगुनी करने की पहल शुरू होने जा रही है। झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात कर मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में झारखंड के बच्चों के लिए निर्धारित मेडिकल सीटों की संख्या 25 से बढ़ाकर 50 करने की मांग रखी।
मणिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप के प्रेसिडेंट सोमनाथ दास की मौजूदगी में हुई इस मुलाकात के दौरान चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ जमशेदपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि राज्य में मेडिकल शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि को देखते हुए स्थानीय छात्रों के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
सामान्य और आरक्षित वर्ग की सीटें भी होंगी दोगुनी
मणिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप के प्रेसिडेंट सोमनाथ दास के अनुसार, वर्तमान में झारखंड के विद्यार्थियों के लिए कॉलेज में 25 सीटें निर्धारित हैं। इनमें 10 सीटें सामान्य वर्ग और 15 सीटें आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए हैं। प्रस्तावित विस्तार के बाद इनकी संख्या बढ़ाकर 50 की जाएगी। नई व्यवस्था में सामान्य वर्ग के लिए 20 और आरक्षित वर्ग के लिए 30 सीटें निर्धारित करने का प्रस्ताव है।
उन्होंने बताया कि सीटों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया जल्द शुरू किए जाने की तैयारी है। इससे राज्य के अधिक विद्यार्थियों को निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान में चिकित्सा शिक्षा हासिल करने का अवसर मिल सकेगा।
मणिपाल में पोस्टमार्टम सुविधा शुरू करने की भी मांग
मुलाकात के दौरान जमशेदपुर में पोस्टमार्टम सुविधा से जुड़ी समस्या भी उठाई गई। मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पोस्टमार्टम की सुविधा शुरू करने का आग्रह किया गया। वर्तमान में शहर में पोस्टमार्टम के लिए मुख्य रूप से एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पर निर्भरता है। अधिक संख्या में मामलों के आने पर कई बार पोस्टमार्टम में विलंब की स्थिति उत्पन्न हो जाती है, जिससे मृतकों के परिजनों को परेशानी होती है।
मणिपाल अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध होने से पोस्टमार्टम का दबाव कम करने के साथ प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आगामी सत्र में प्रस्ताव आगे बढ़ाने का आश्वासन
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने दोनों मुद्दों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आगामी सत्र में आवश्यक प्रस्तावों को पारित कराने की दिशा में पहल करने का आश्वासन दिया। कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि झारखंड के विद्यार्थियों को राज्य में ही बेहतर चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलें और जमशेदपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत हो, इसके लिए ऐसे प्रयास लगातार किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि मेडिकल सीटों में वृद्धि केवल सीटों की संख्या बढ़ाने का विषय नहीं है, बल्कि यह झारखंड के स्थानीय विद्यार्थियों को डॉक्टर बनने के अधिक अवसर उपलब्ध कराने और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भविष्य के चिकित्सक तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।