चांडिल के एसएस+2 हाई स्कूल में मुख स्वास्थ्य जांच शिविर, 120 विद्यार्थियों की हुई स्क्रीनिंग – गुटखा खाने में भले ही मज़ा लगे, लेकिन हर थूक में ज़हर होता है : डॉ. रीना सिंह
चांडिल के एसएस+2 हाई स्कूल में मुख स्वास्थ्य जांच शिविर, 120 विद्यार्थियों की हुई स्क्रीनिंग – गुटखा खाने में भले ही मज़ा लगे, लेकिन हर थूक में ज़हर होता है : डॉ. रीना सिंह
चांडिल, 06 अगस्त : राष्ट्रीय गैर संचारी रोग (एनसीडी) कार्यक्रम के तहत गुरुवार को सरायकेला-खरसावां जिले के एसएस+2 हाई स्कूल, चांडिल में मुख स्वास्थ्य जांच शिविर, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम एवं राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन सिविल सर्जन डॉ. सरयू प्रसाद सिंह एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एनसीडी) डॉ. कामिनी लता के निर्देशन में किया गया।
शिविर के दौरान दंत चिकित्सक डॉ. शानदार हसन रिजवी एवं डॉ. पूनम कुमारी ने 120 छात्र-छात्राओं के मुख एवं दंत स्वास्थ्य की जांच की। विद्यार्थियों को दांतों की नियमित सफाई, संतुलित आहार और दंत रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई।
इस अवसर पर डॉ. पूनम कुमारी ने सही तरीके से ब्रश करने की विधि बताते हुए तंबाकू और गुटखा सेवन के गंभीर दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुटखा और अन्य तंबाकू उत्पाद धीरे-धीरे मुख कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों के कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का कारण बनते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से तंबाकू से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि शुरुआत भले ही शौक से होती है, लेकिन यही आदत आगे चलकर जीवन के लिए घातक साबित होती है।
वरीय दंत चिकित्सक डॉ. रीना सिंह ने कहा कि “गुटखा खाने में भले ही मज़ा लगे, लेकिन हर थूक में ज़हर होता है। अभी भी समय है, सोचिए, समझिए और तंबाकू से दूरी बनाइए। स्वस्थ जीवन का चयन करें, तंबाकू का नहीं।” उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से स्वयं तंबाकू मुक्त रहने के साथ-साथ दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव से बचाव, सकारात्मक सोच तथा जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की जानकारी भी दी गई।
एनसीडी विभाग ने बताया कि जिले में समय-समय पर स्वास्थ्य जांच शिविर एवं जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं, कर्मियों और छात्र-छात्राओं को तंबाकू मुक्त जीवन एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ दिलाई गई।